श्रीनगर की मशहूर हजरतबल मस्जिद इस वक्त सुर्खियों में है. मस्जिद के अंदर नवीनीकरण पट्टिका पर राष्ट्रीय प्रतीक लगाए जाने से विवाद खड़ा हो गया है. इसी बीच शनिवार (6 सितंबर) को ईद-ए-मिलाद-उन-नबी के मौके पर जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला खुद मस्जिद पहुंचे और राज्य के लोगों के लिए अमन-चैन की दुआ मांगी.

मगरिब की नमाज में की शिरकत

एक सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने हजरतबल मस्जिद में मगरिब (शाम की) नमाज अदा की. नमाज के बाद उन्होंने अन्य श्रद्धालुओं के साथ पवित्र चिह्न का दीदार भी किया. इस मौके पर जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला, मुख्यमंत्री के सलाहकार नासिर असलम वानी और जदीबल के विधायक तनवीर सादिक भी मौजूद रहे.

पैगंबर की शिक्षाओं को बनाए रखने की अपील

नमाज के बाद मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने जम्मू-कश्मीर के लोगों की खुशहाली, शांति और आपसी भाईचारे की दुआ की. उन्होंने सभी को त्योहार की मुबारकबाद देते हुए कहा कि पैगंबर मोहम्मद की महान शिक्षाएं इंसानियत, करुणा और सेवा की राह दिखाती हैं. उन्होंने लोगों से अपील की कि इन मूल्यों को अपने जीवन में उतारें और एकता को बनाए रखें.

पट्टिका विवाद से तनाव

दरअसल, हजरतबल मस्जिद में नवीनीकरण के दौरान एक पट्टिका पर राष्ट्रीय प्रतीक लगाए जाने से विवाद खड़ा हो गया. स्थानीय नेताओं और नमाजियों ने इसे लेकर नाराजगी जाहिर की. बाद में अज्ञात लोगों ने उस पट्टिका को तोड़फोड़ दिया. यह मामला अब सियासत का भी हिस्सा बन गया है और वक्फ बोर्ड पर सवाल उठ रहे हैं.

हजारों श्रद्धालु जुटे

शनिवार को पैगंबर मोहम्मद के जन्मदिन, ईद-ए-मिलाद-उन-नबी, का जश्न पूरे जम्मू-कश्मीर में मनाया गया. श्रीनगर स्थित हजरतबल दरगाह में हजारों श्रद्धालु एकत्र हुए.

नमाज के बाद पवित्र चिह्न को उसके संरक्षक ने श्रद्धालुओं को दिखाया. प्रशासन और वक्फ बोर्ड की ओर से बड़ी तादाद में सुरक्षा और इंतजाम किए गए थे. मस्जिद और दरगाह को खूबसूरती से सजाया गया, जिससे जश्न का माहौल और खास बन गया.