जम्मू-कश्मीर में बारिश के बाद से हालात खराब हो रहे हैं. मौसम विभाग के अनुसार, गुरुवार 4 सितंबर से मौसम में सुधार की उम्मीद है लेकिन अगले 24 घंटे फिर भी पूरे प्रदेश के लिए भारी है. इसको लेकर मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने लोगों से अपील की है.
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर जानकारी दी, "डल के गेट नहीं खोले गए हैं, कंडीज़ाल बांध को तोड़ा नहीं गया है. झेलम नदी ऊपर तो बढ़ रही है, लेकिन आशंका से कहीं धीमी गति से. प्रशासन अपनी चौकसी कम नहीं करने वाला है, हम स्थिति पर कड़ी नज़र रख रहे हैं, लेकिन साथ ही हम लोगों से अपील करते हैं कि वे बेवजह फैलाई जा रही अफवाहों पर ध्यान न दें."
4 सितंबर को शैक्षणिक संस्थान बंदइस बीच कश्मीर यूनिवर्सिटी ने 4 सितंबर को होने वाले सभी एग्जाम स्थगित कर दिए हैं. केयू के एग्जाम कंट्रोलर ने यह जानकारी दी है. प्रतिकूल मौसम की स्थिति को देखते हुए एहतियात के तौर पर कश्मीर में सभी शैक्षणिक संस्थान कल यानी 4 सितंबर को बंद रखे जाएंगे.
आज रात भारी बारिश की आशंका3 और 4 सितंबर के बीच की रात में एक बार फिर से बारिश का अनुमान है. इसके चलते पहले से ही बाढ़ के हालात बन रहे हैं. नदी-नालों में जल स्तर के और ज्यादा बढ़ने का अनुमान है. कश्मीर घाटी में झेलम नदी खतरे के निशान से कहीं ऊपर पहुंच चुकी है. झेलम के सभी सहयोगी नदी-नाले जिन में लिद्दर, वेशो, रंबी आरा और पूहरू नाला शामिल हैं, खतरे के निशान के पास से गुजर रहे हैं.
पुलवामा के संगम के पार झेलम नदी 27.15 फीट के निशान से ऊपर है, जो बाढ़ के निशान से 2.15 फीट ऊपर है जबकि श्रीनगर में राम मुंशी बाग के गेट पर झेलम 6 बजे शाम 20.54 फीट की ऊंचाई पर बह रही है. बाढ़ नियंत्रण विभाग के अनुसार, अगले 6-8 घंटे तक झेलम नदी में पानी का स्तर 4-6 फीट और बढ़ने की संभावना है जिसके चलते श्रीनगर में भी बाढ़ घोषित हो सकती है.