आगामी 3 जुलाई 2026 से शुरू होने वाली वार्षिक अमरनाथ यात्रा को पूरी तरह से सुरक्षित और निर्बाध बनाने के लिए सुरक्षा ग्रिड को और अधिक उन्नत कर दिया गया है. इसी कड़ी में अनंतनाग पुलिस द्वारा तकनीकी निगरानी के तहत 'प्रोजेक्ट हॉक आई' (Project Hawk Eye) लॉन्च किया गया है. इसके अंतर्गत अमरनाथ यात्रा मार्ग पर ड्रोन इकाइयों और हाई-टेक कैमरों के माध्यम से 24 घंटे हवाई निगरानी रखी जा रही है.

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सुरक्षा को परखने के लिए आयोजित की गई मॉक ड्रिल

इस अत्याधुनिक सुरक्षा व्यवस्था, त्वरित प्रतिक्रिया समय (Response Time) और आपातकालीन प्रतिक्रिया को परखने के लिए सुरक्षा बलों द्वारा अनंतनाग के कई रणनीतिक स्थलों पर सघन मॉक ड्रिल (सुरक्षा अभ्यास) आयोजित की गई है. इस अभ्यास के माध्यम से विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के बीच समन्वय को भी मजबूत किया जा रहा है.

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ड्रोन, FRS कैमरे और स्नाइपर टीमें की गई हैं तैनात

अमरनाथ यात्रा मार्ग की लगातार हवाई निगरानी करने और संदिग्ध गतिविधियों को ट्रैक करने के लिए पांच ड्रोन इकाइयों को तैनात किया गया है. तीर्थ स्थलों से असामाजिक तत्वों को दूर रखने के उद्देश्य से 6 महत्वपूर्ण जगहों पर 34 फेशियल रिकग्निशन सिस्टम (FRS) कैमरे लगाए गए हैं, जबकि पूरे रास्ते में 416 CCTV कैमरों का व्यापक नेटवर्क बिछाया गया है.

हवाई और तकनीकी निगरानी के अलावा, जमीनी स्तर पर भी सुरक्षा को अभेद्य बनाया गया है. इसके लिए 28 ऊंचे निगरानी बंकर (मचान मोर्चे) स्थापित किए गए हैं और किसी भी खतरे से निपटने के लिए 22 प्रशिक्षित स्नाइपर टीमों की तैनाती भी की गई है. प्रशासन द्वारा यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि शिव भक्तों की यह यात्रा पूरी तरह से सुरक्षित माहौल में संपन्न हो.

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