पाकिस्तान के लिए जासूसी मामले में गिरफ्तार नूंह के तारीफ की पत्नी का बयान सामने आया है. तारीफ की पत्नी ने कहा कि वो ऐसा कुछ कर ही नहीं सकते. भाइयों से ज्यादा मुझे पता है क्योंकि मैं तो 10 सालों तक साथ रही हूं. ऐसा कुछ नहीं है, सब झूठ है. 

अगर कुछ किया है तो कड़ी से कड़ी सजा मिले- भाई

वहीं तारीफ के भाई ने कहा, "ये सब बेबुनियाद हैं. हमारे भाई के ऊपर झूठे इल्जाम लगे हैं. जांच की जाए. हमारे भाई ने ऐसा कोई कदम नहीं उठाया जिससे देश के ऊपर आंच आए. हमें अपने देश से प्यार है. हम भारतवासी हैं, भारतवासी ही रहेंगे. अगर उसने ऐसा कुछ किया है तो उसे सरकार कड़ी से कड़ी सजा दे वरना उसे छोड़ दिया जाए."

परिवार में 10 भाई बहन

इसके आगे भाई ने कहा, "हम 10 भाई-बहन हैं. पांच भाई हैं, पांच बहन हैं. मैं बड़ा हूं, मुझसे छोटा तारीफ है. पाकिस्तान में हमारे दादा जी के बड़े भाई रहते हैं और उनके पास ही आना जाना था." 

पुलिस ने सोमवार (19 मई) को तारीफ की गिरफ्तारी के बारे में जानकारी दी. इसके दो दिन पहले नूंह जिले के राजाका गांव से अरमान को भी इसी आरोप में गिरफ्तार किया गया था. पुलिस की मानें तो तारीफ ने ये कबूला है कि उसने पाकिस्तान हाईकमीशन के कर्मचारी को सिम कार्ड दिया.

तारीफ ने जांच में क्या बताया?

न्यूज़ एजेंसी ANI के मुताबिक, तारीफ ने बताया कि उसको सिरसा एयरफोर्स स्टेशन के विजुअल भेजने को कहा गया था. उसने कई बार पाकिस्तान जाने की बात कबूली. उसने पाकिस्तानी अधिकारी के साथ संलिप्तता की बात भी कबूली.

तारीफ ने बताया, "2018 में मैं वीजा के लिए पाकिस्तान एंबेसी गया. एक पाकिस्तानी अधिकारी ने मेरा इंटरव्यू लिया. उसने मेरा नंबर लिया और कहा कि आगे की जानकारी फोन पर देगा. उसे मुझे तीन-चार दिनों बाद फोन किया और कहा कि अगर तुम्हें वीजा चाहिए तो दो नए सिम देने होंगे. मैंने नूंह से दो नए सिम खरीदे और एंबेसी जाकर पाकिस्तानी अधिकारी से मिला. जब मैंने उसे सिम दे दिया तो उसने मेरा वीजा जारी कर दिया."