उत्तराखंड के हल्द्वानी में मल्लिकार्जुन खरगे की रैली के बाद स्टेज के शुद्धिकरण के दावों से सियासी खलबली मच गई है. दावा है कि एक हिंदू संगठन ने मल्लिकार्जुन खरगे के जाने के बाद स्टेज पर हवन कर वहां का शुद्धिकरण किया. इस घटना के बाद से कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल सत्तारूढ़ दल बीजेपी पर आरोप लगाते हुए इसे दलितों का अपमान बता रहे हैं. इसी क्रम में कांग्रेस की वरिष्ठ नेता कुमारी सैलजा ने भी अपनी नाराजगी व्यक्त की है. 

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हरियाणा के सिरसा से कांग्रेस सांसद और उत्तराखंड कांग्रेस की प्रभारी कुमारी सैलजा ने नाराजगी जताते हुए कहा, "असल में उत्तराखंड को शुद्धिकरण की जरूर है. ऐसी विचारधारा, ऐसी सोच और ऐसी घटिया मानसिकता का शुद्धिकरण किया जाना चाहिए. उत्तराखंड को इस बात से भी मुक्त करने की जरूरत है कि ऐसे लोग वहां सत्ता में हैं, लेकिन ऐसी घटनाएं होने पर भी कोई कार्रवाई नहीं करते."

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'संविधान के सिद्धांत का उल्लंघन कर रही बीजेपी'

इतना ही नहीं, कुमारी सैलजा ने आगे कहा, "यह बीजेपी-आरएसएस सरकार और उनकी विचारधारा के लिए शर्म की बात है कि एक तरफ तो वे 'तिरंगा यात्रा' निकालने और प्रचार-प्रसार करने की बात करते हैं, वहीं दूसरी तरफ हमारे नेता और विपक्ष के नेता के मामले में समानता के उस सिद्धांत का खुलेआम उल्लंघन किया जा रहा है, जिसकी गारंटी हमारा संविधान देता है और जिसे देश और दुनिया मानती है."

सिरसा सांसद ने कहा, "उत्तराखंड को देखिए, जो बीजेपी शासित राज्य है. यहां वे बड़े-बड़े दावे करते हैं. उसी जगह पर गौर कीजिए मल्लिकार्जुन खड़गे और हम सबने रैली की थी. वहां वे शुद्धिकरण कर रहे हैं, यह कैसा 'शुद्धिकरण' है?"

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