कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने राज्यसभा में एक मुद्दा उठाया है कि कुछ दिनों पहले वे उत्तराखंड गए थे. यहां उन्होंने एक रैली को संबोधित किया था. उसके बाद उस मैदान (रामलीला मैदान) का शुद्धिकरण किया गया था. उन्होंने यह कहा कि उनके दलित होने के चलते ऐसा किया गया है. इस पर अब चिराग पासवान ने प्रतिक्रिया दी है. 

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गुरुवार (13 अगस्त, 2026) को सदन के बाहर मीडिया के इस सवाल पर चिराग पासवान ने कहा, "मुझे नहीं पता कि ऐसा हुआ कि नहीं हुआ... अगर राज्यसभा में वो (खरगे) विपक्ष के नेता हैं, देश की सबसे बड़ी पार्टी के वो राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं, अगर उन्होंने चिंता जाहिर की है तो ये जरूर चिंता का विषय है." 

केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने आगे कहा, "आज भी कई बार ऐसे उदाहरण सामने आते हैं जहां दलित होने के चलते आपके साथ भेदभाद किया जाता है. रह-रहकर आज भी एक दलित युवक को घोड़ी पर चढ़ने से रोका जाता है. बारात निकालने से रोका जाता है. मंदिर में कोई प्रवेश करता है तो मंदिर को धुलवाया जाता है. अगर ऐसी घटना हुई है तो मैं खुद वहां की सरकार से आग्रह करता हूं कि जांच कराई जाए."

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सदन नहीं चलने देने पर विपक्ष पर किया हमला

सदन की कार्यवाही से जुड़े सवाल पर चिराग पासवान ने कहा कि सत्ता पक्ष ने जितना प्रयास किया ये सबके सामने है. हमारे केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री ने रोज प्रयास किया. राहुल गांधी के चैंबर में गए. उनसे फोन पर बातचीत की. कल (बुधवार) तो गृह मंत्री अमित शाह ने खुद सामने आकर कहा कि आपको (विपक्ष) जिस विषय पर चर्चा करनी है आप कीजिए. आपको जो सवाल पूछने हैं पूछिए. उन्होंने यहां तक कहा कि वो पूरा समय सदन में बैठेंगे. एक-एक सवाल को अपने हाथ से नोट करेंगे और जवाब देंगे. इससे ज्यादा सरकार क्या कर सकती है?

विपक्ष को घेरते हुए चिराग ने कहा, "कभी छात्रों का मुद्दा तो कभी राम मंदिर का, कभी कह रहे प्रधानमंत्री माफी मांगें तो कभी गृह मंत्री इस्तीफा दें, इन लोगों ने पहले से ही सोच रखा था कि सदन को नहीं चलने देना है. उसी सोच पर इनका जो रवैया था उसने सदन को बाधित करने का काम किया." 

एक सवाल पर कहा कि अगर आपको उनसे (अमित शाह) शिकायत है तो जवाब भी तो उनसे ही सुनना होगा न? आप पहले कहते हैं वो (अमित शाह) सदन में आएं, जवाब दें, चर्चा करें, तो आप कराते चर्चा. सुनते वो (अमित शाह) क्या कह रहे हैं. दोनों पक्ष सामने आते. जनता देखती अपना.

अरुण भारती ने भी की कार्रवाई की मांग

एलजेपी रामविलास के सांसद अरुण भारती ने खरगे के बयान पर कहा कि अगर दलित के नाम पर उनका अपमान हुआ है तो जिसने भी किया है उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए. इसको स्वीकार नहीं किया जा सकता.

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