मानसून सीजन की पहली बारिश का असर अब यमुना नदी पर साफ दिखाई देने लगा है. हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में लगातार हो रही भारी बारिश के चलते हथनीकुण्ड बैराज (Hathnikund Barrage) पर जलस्तर अचानक बढ़ गया है. स्थिति को देखते हुए बैराज से हजारों क्यूसेक पानी यमुना नदी में छोड़ा गया है, जिससे दिल्ली और आसपास के निचले इलाकों में अलर्ट की स्थिति बन गई है.
सिंचाई विभाग के अनुसार, पहाड़ों पर पिछले तीन दिनों से हो रही बारिश के कारण बैराज पर पानी की आवक तेजी से बढ़ी है और इस पर लगातार नजर रखी जा रही है. बैराज पर 50,649 क्यूसेक पानी रिकॉर्ड किया गया है. बढ़ते जलस्तर को सुरक्षित तरीके से आगे निकालने के लिए हथनीकुण्ड बैराज के कुल 18 में से 10 गेट यमुना नदी की ओर खोल दिए गए हैं.
अधिकारियों का कहना है कि यदि पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश का सिलसिला इसी तरह जारी रहा, तो आने वाले दिनों में जलस्तर में और अधिक बढ़ोतरी हो सकती है.
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48 से 72 घंटे में दिल्ली पहुंचेगा पानी
सिंचाई विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, हथनीकुण्ड बैराज से छोड़ा गया यह पानी अगले 48 से 72 घंटे के भीतर देश की राजधानी दिल्ली पहुंच सकता है. इसे देखते हुए दिल्ली सहित यमुना के निचले इलाकों में जलस्तर पर लगातार निगरानी रखी जा रही है. हालांकि, प्रशासन का कहना है कि फिलहाल घबराने जैसी कोई स्थिति नहीं है, लेकिन एहतियात के तौर पर पूरी सतर्कता बरती जा रही है.
यमुना किनारे बसे गांवों में अलर्ट जारी
यमुना नदी के जलस्तर में इजाफे को देखते हुए नदी से सटे गांवों के लोगों को अलर्ट रहने की सलाह दी गई है. सिंचाई विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे नदी के किनारों पर अनावश्यक रूप से आवाजाही न करें. बच्चों और पशुओं को नदी के बहाव क्षेत्र से दूर रखें. प्रशासन द्वारा जारी किसी भी चेतावनी का तुरंत और सख्ती से पालन करें.
विभाग का कहना है कि मानसून अभी अपने शुरुआती दौर में है. ऐसे में हालात पर पल-पल नजर रखी जा रही है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी संबंधित विभागों को 24 घंटे एक्टिव (सतर्क) रहने के निर्देश दिए गए हैं.
