मानसून की दस्तक के साथ ही यमुनानगर में यमुना नदी के तेवर कभी भी बदल सकते हैं. पहाड़ों पर हो रही लगातार बारिश को देखते हुए हथनीकुंड बैराज पर बाढ़ का खतरा बढ़ गया है. किसी भी संभावित आपदा से निपटने के लिए सिंचाई विभाग और जिला प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतज़ाम किए हैं और फ्लड कंट्रोल रूम को पूरी तरह से सक्रिय कर दिया गया है.

Continues below advertisement

इस बार मानसून के जल तांडव से हथनीकुंड बैराज को बचाने के लिए एक विशेष तकनीक का सहारा लिया गया है. सिंचाई विभाग का दावा है कि यह दीवार बैराज की सुरक्षा में सबसे अहम भूमिका निभाएगी.

Nuh News: गोवंश बचाने के मिशन के दौरान पुलिस जवान की मौत, ट्रक की टक्कर से गई जान

Continues below advertisement

लागत और तकनीक

करीब 146 करोड़ रुपये की लागत से चीनी तकनीक (Chinese Technology) पर आधारित अत्याधुनिक 'डायाफ्राम वॉल' तैयार की गई है. इस विशेष तकनीक का प्रयोग देश में पहली बार हथनीकुंड बैराज पर किया गया है. यह दीवार बैराज की नींव को सुरक्षित रखने और पानी के तेज बहाव से होने वाले भू-कटाव को रोकने में बेहद कारगर साबित होगी.

लगातार मिल रहे हैं फ्लड अलर्ट

सिंचाई विभाग के सुपरिंटेंडेंट इंजीनियर प्रवीण गुप्ता ने बताया कि मानसून को देखते हुए विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड पर है. हिमाचल प्रदेश के पांवटा साहिब और उत्तराखंड के डाकपत्थर से लगातार जलस्तर की जानकारी और फ्लड (बाढ़) अलर्ट मिल रहे हैं. उन्होंने स्पष्ट किया कि पहाड़ों में हो रही बारिश के चलते यमुना नदी में कभी भी पानी का बहाव बहुत तेजी से बढ़ सकता है.

नदी किनारे बसे गांवों में अलर्ट, 24 घंटे निगरानी

संभावित खतरे को भांपते हुए यमुना नदी से सटे सभी संवेदनशील गांवों को सतर्क कर दिया गया है. प्रशासन और सिंचाई विभाग की टीमें चौबीसों घंटे स्थिति की निगरानी कर रही हैं ताकि आपात स्थिति में तुरंत राहत कार्य शुरू किया जा सके. प्रशासन ने स्थानीय लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें, नदी के किनारों से दूर रहें और किसी भी सरकारी चेतावनी को हल्के में न लें.

फिलहाल विभाग पूरी तरह आश्वस्त है कि मजबूत सुरक्षा व्यवस्था, हाईटेक डायाफ्राम वॉल और लगातार मॉनिटरिंग के दम पर इस बार मानसून की चुनौती का सफलतापूर्वक सामना कर लिया जाएगा.

Gurugram News: गुरुग्राम में इम्पीरिया एस्फेरा सोसाइटी में बालकनी गिरी, बड़ा हादसा टला; बाल-बाल बचे लोग