विवेक विहार इलाके में हुए भीषण अग्निकांड ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है. रविवार तड़के एक चार मंजिला आवासीय इमारत में अचानक लगी आग में दो परिवारों के 9 लोगों की मौत हो गई, जिनमें एक बच्चा भी शामिल है. प्रारंभिक जांच में आशंका जताई गई है कि आग निचली मंजिल पर एयर कंडीशनर में हुए धमाके से शुरू हुई, जिसे तेज हवाओं ने और भड़का दिया.

Continues below advertisement

स्थानीय लोगों के अनुसार, आग इतनी तेजी से फैली कि किसी को संभलने का मौका ही नहीं मिला. इमारत के अंदर घना धुआं भर गया, जिससे लोग अपने फ्लैटों में ही फंस गए. सबसे बड़ी समस्या यह रही कि इमारत में केवल एक ही निकास मार्ग था और छत का दरवाजा बंद था. जिससे बाहर निकलने के सभी रास्ते बंद हो गए.

घर में चोरी रोकने के लिए लगाई गई थी ग्रिल

पड़ोसियों ने बताया कि चोरी रोकने के लिए लगाए गए लोहे के ग्रिल इस हादसे में मौत का जाल बन गए. कई लोग इन्हीं ग्रिल की वजह से बाहर नहीं निकल सके. साथ ही सड़क पर खड़ी गाड़ियों और संकरी गलियों ने भी राहत कार्य में बाधा डाली. एक स्थानीय घरेलू सहायिका ने बताया कि जब वह शोर और सायरन सुनकर बाहर निकली तो चारों तरफ धुआं और अफरा-तफरी थी. लोगों ने अपने स्तर पर मदद करने की कोशिश की और खिड़कियों से गद्दे फेंककर फंसे लोगों को कूदने में मदद की.

Continues below advertisement

ये भी पढ़िए- Delhi News: दिल्ली में आग बनी काल, डेढ़ महीने में 18 मौतें, हर हादसा खोल रहा सिस्टम की पोल

बचने वालों में 25 वर्षीय वंशिका भी शामिल

साथ ही बचने वालों में 25 वर्षीय वंशिका भी शामिल हैं, जिन्होंने बताया कि उनकी मां ने समय रहते सभी को जगाया और परिवार बालकनी के रास्ते बाहर निकला. उन्होंने कहा कि कुछ ही मिनटों में घर पूरी तरह धुएं से भर गया था और बाहर निकलना मुश्किल हो गया था. स्थानीय लोगों ने यह भी बताया कि घर में सुरक्षा को लेकर पहले से खामियां थीं और एक अतिरिक्त गेट की जरूरत महसूस की जाती थी, लेकिन इस पर ध्यान नहीं दिया गया. दमकल की 12 गाड़ियों और पुलिस तथा डीडीएमए की टीमों ने घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया. लेकिन तब तक नौ लोगों की जान जा चुकी थी. यह हादसा इलाके में सुरक्षा व्यवस्था और इमारतों की संरचना पर गंभीर सवाल खड़े कर गया है.

ये भी पढ़िए- 'वो कूद जाती तो बच जाती लेकिन...' दिल्ली विवेक विहार अग्निकांड में अपनों को बचाते-बचाते गई शिखा की जान