राजधानी दिल्ली में बृहस्पतिवार को दो अलग-अलग हादसों ने लोगों को चौंका दिया. दक्षिणी दिल्ली के पॉश इलाके ग्रेटर कैलाश-1 में एक घर की दीवार गिरने से एक व्यक्ति घायल हो गया, जबकि बाहरी उत्तरी दिल्ली के बवाना इलाके में आग से प्रभावित एक खाली इमारत अचानक ढह गई.
सुबह के समय ग्रेटर कैलाश-1 में हुए हादसे से इलाके में अफरा-तफरी मच गई. स्थानीय लोगों की मदद से घायल व्यक्ति को तुरंत पास के अस्पताल ले जाया गया, जहां उसका इलाज जारी है. हादसे के समय घर में अन्य लोग मौजूद थे या नहीं, इसकी जांच की जा रही है. पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने घटनास्थल पर पहुंचकर मलबा हटाने और सुरक्षा का काम शुरू कर दिया है.
बवाना में ढह गई अचानक इमारत
दूसरा मामला दिल्ली के बवाना का है. यहां सेक्टर-4 से भी इमारत गिरने की घटना सामने आई. जानकारी के अनुसार, तीन मंजिला यह इमारत पिछले साल लगी आग के बाद से खाली पड़ी थी. आग से प्रभावित यह संरचना लंबे समय से जर्जर हालत में खड़ी थी. बृहस्पतिवार दोपहर करीब 2 बजकर 41 मिनट पर अचानक इमारत ढह गई.
पूरी तरह जीर्ण-शीर्ण हो चुकी थी इमारत
दिल्ली अग्निशमन सेवा (डीएफएस) के एक अधिकारी ने बताया कि हादसे में किसी के घायल होने या किसी प्रकार के जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं है. घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की चार गाड़ियां और दो एंबुलेंस मौके पर पहुंचीं और एहतियातन आसपास के क्षेत्र को घेर लिया गया.
अधिकारियों का कहना है कि इमारत पूरी तरह जीर्ण-शीर्ण हो चुकी थी और किसी भी समय गिर सकती थी. गनीमत रही कि इमारत में कोई व्यक्ति मौजूद नहीं था. स्थानीय लोगों के अनुसार, लंबे समय से खाली पड़ी इस इमारत को लेकर बार-बार शिकायत की गई थी, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई.
जर्जर इमारतों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर रही दोनों घटना
ग्रेटर कैलाश और बवाना दोनों ही घटनाओं ने एक बार फिर से दिल्ली में जर्जर इमारतों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि बरसात के मौसम में पुरानी और कमजोर इमारतें अधिक जोखिम में होती हैं, ऐसे में नगर निगम और संबंधित विभागों को ऐसे ढांचों की जांच और मरम्मत पर ध्यान देना चाहिए.
स्थानीय प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि हादसों के कारणों की विस्तृत जांच की जाएगी और भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे.