दिल्ली विश्वविद्यालय शिक्षक संघ (DUTA) के हालिया चुनाव में राष्ट्रीय लोकतांत्रिक शिक्षक मोर्चा (NDTF) के प्रो. वीएस नेगी अध्यक्ष चुने गए हैं. उन्होंने मुख्य प्रतिद्वंद्वी डेमोक्रेटिक टीचर्स फ्रंट (DTF) के प्रो राजीव रे को 638 वोटों से मात दी. प्रो. नेगी को कुल 3,766 वोट मिले, जबकि प्रो. राजीव रे को 2,728 वोट ही मिले. आम आदमी पार्टी के शिक्षक संगठन (AADTA) के प्रो. राजेश झा को 1,451 मत मिले.

मतदान में दिखा जबरदस्त उत्साह

चुनाव में शिक्षकों ने उत्साह के साथ हिस्सा लिया. कुल 9,800 पात्र शिक्षकों में से 8,221 ने मतदान किया. इस तरह 84 प्रतिशत शिक्षक मतदान केंद्र पहुंचे. यह आंकड़ा पिछले साल 85.85 प्रतिशत से थोड़ा कम है. मतदान सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक आर्ट्स फैकल्टी और सत्यकाम भवन में स्थापित 32 बूथों पर हुआ.

कार्यकारिणी के नतीजे भी घोषित

अध्यक्ष पद के अलावा 15 कार्यकारी सदस्य चुने गए. सबसे ज्यादा वोट आकांक्षा खुराना को मिले, जिन्होंने 9,576 मत हासिल किए. उनके बाद रमनंद सिंह (9,192) और मनीष कुमार (7,372) रहे.

अन्य विजेताओं में साक्षी यादव, दिनेश कटारिया, अमित सिंह, बिमलेन्दु, संजय कुमार, बिस्वजीत महंती, छोटूराम मीणा, भूपेंद्र सिंह, यश यादव, वीएस दीक्षित, देवेंद्र के. राणा और धनराज मीणा शामिल हैं.

इस साल चुनावी प्रचार मुख्य रूप से स्थायी नियुक्तियों, एड-हॉक शिक्षकों के नियमितीकरण, राष्ट्रीय शिक्षा नीति के क्रियान्वयन और शैक्षणिक सुधार जैसे मुद्दों पर केंद्रित रहा. मतदान केंद्रों के बाहर समर्थक पर्चे बांटते और शिक्षकों से वोट की अपील करते नजर आए. कई जगह शिक्षक चुनावी मुद्दों पर गहरी चर्चा में भी व्यस्त रहे.

दो साल में एक बार होता है DUTA चुनाव

DUTA चुनाव हर दो साल में होते हैं और दिल्ली विश्वविद्यालय की नीतियों व शैक्षणिक दिशा तय करने में महत्वपूर्ण माने जाते हैं. 2023 में NDTF के प्रो अजय कुमार भागी DUTA अध्यक्ष चुने गए थे. इस बार फिर NDTF ने अपनी पकड़ मजबूत करते हुए अध्यक्ष पद पर जीत हासिल की.

रात 2 से 3 बजे के बीच नतीजे हुए घोषित 

अध्यक्षीय और कार्यकारिणी के नतीजे रात दो से तीन बजे के बीच घोषित किए गए. प्रो वीएस नेगी की जीत ने विश्वविद्यालय में भाजपा समर्थित शिक्षक संगठन की पकड़ को और मजबूत किया है.