केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) सांसद मनोज तिवारी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के फैसले का समर्थन करते हुए कहा कि अब छात्रों को अपना विरोध प्रदर्शन समाप्त कर देना चाहिए. उन्होंने कहा कि सरकार ने छात्रों के हित में बड़ा फैसला लिया है और उनकी मांगों पर संवेदनशीलता दिखाई है.
'प्रधानमंत्री ने दिखाई जिम्मेदारी और संवेदनशीलता'
मनोज तिवारी ने कहा, "प्रधानमंत्री ने खुद छात्रों के प्रति संवेदनशीलता, ज़िम्मेदारी और जवाबदेही दिखाई है. जिस तरह से वे उनसे जुड़ रहे हैं, वह अभूतपूर्व है. वे छात्रों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध हैं और उनके लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं."
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का यह कदम दिखाता है कि सरकार छात्रों के भविष्य को लेकर गंभीर है और उनकी हर चिंता को सुनने के लिए तैयार है.
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'अब विरोध प्रदर्शन वापस ले लिया जाना चाहिए'
मनोज तिवारी ने आगे कहा, "प्रधानमंत्री द्वारा लिया गया हर फ़ैसला स्वागत योग्य है. छात्रों की मांगें मान ली गई हैं, इसलिए अब विरोध प्रदर्शन वापस ले लिया जाना चाहिए. प्रधानमंत्री की हर बात पक्की और महत्वपूर्ण है, और छात्रों को उनके उठाए जा रहे कदमों का सम्मान करना चाहिए."
उन्होंने छात्रों से अपील करते हुए कहा कि अब जब सरकार ने उनकी मांगों पर फैसला ले लिया है तो आंदोलन समाप्त कर देना चाहिए.
कॉकरोच जनता पार्टी ने खत्म किया आंदोलन
बता दें धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद दिल्ली के जंतर मंतर पर चल रहे प्रदर्शन को लेकर भी बड़ा घटनाक्रम सामने आया है. कॉकरोच जनता पार्टी ने आंदोलन खत्म करने का ऐलान कर दिया है. पार्टी के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा कि सरकार ने उनकी सभी मांगें मान ली हैं और अब आंदोलन जारी रखने की जरूरत नहीं है.
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उन्होंने प्रदर्शन में शामिल छात्रों और समर्थकों से अपील करते हुए कहा कि सभी लोग शांतिपूर्वक अपने-अपने घर लौट जाएं. इसके साथ ही जंतर मंतर पर चल रहे प्रदर्शन को औपचारिक रूप से समाप्त करने की घोषणा कर दी गई.
