शिक्षा मंत्री के पद से धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद कॉकरोच जनता पार्टी ने कहा कि कहा कि अभी दो और मांगें बाकी हैं. सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने सरकार के 'झुकने' और मंत्री के इस्तीफे की खबर आने के बाद कहा कि हमारी दो और मांगें हैं. हम ऐसे ही नहीं जाएंगे. हम कॉकरोच की तरह हैं, एक बार घुस जाएं तो निकलते नहीं.

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कॉकरोच जनता पार्टी की मुख्य तीन मांगों में एक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा शामिल था, जो अब पूरी हो चुकी है. इसके अलावा उनकी दूसरी मांग है कि पेपर लीक की वजह से जिन बच्चों ने सुसाइड किया है, उनके परिवारों को एक-एक करोड़ रुपए का मुआवजा मिले. इसके साथ ही एक मांग और है कि प्रदर्शनकारी छात्रों पर दर्ज मुकदमे वापस हों और उनके खिलाफ कोई एक्शन नहीं होना चाहिए. 

दुनिया झुकती है, बस सही लोगों की जरूरत होती है- अभिजीत दीपके

इससे पहले धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने कहा, ''हमने कर दिखाया. धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया है. वे क्या कहते थे कि इस सरकार में इस्तीफे नहीं होते. हम कहते हैं कि दुनिया झुकती है, बस सही लोगों की जरूरत होती है.''

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डरने की कोई जरूरत नहीं है, हमें आवाज उठानी होगी- अभिजीत दीपके

दीपके ने ये भी कहा कि यह उनके लिए है, उन सभी छात्रों के लिए जिन्होंने धर्मेंद्र प्रधान के कारण अपनी जान गंवाई. उन्होंने कहा, ''धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा इस बात का सबूत है कि अगर आप लोग डरते नहीं हैं, इस सरकार के सामने झुकते नहीं हैं तो हम किसी का भी इस्तीफा ले सकते हैं.  डरने की कोई जरूरत नहीं है. यह लोकतंत्र है और उन्हें जवाबदेह ठहराने के लिए हमें अपनी आवाज उठानी होगी.''

वहीं, सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने शनिवार (25 जुलाई) को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लोकतंत्र की जीत बताया. उन्होंने सीजेपी के साथ ही देश की जेन जी और सभी नागरिकों का शुक्रिया अदा किया.

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