देश की पहली महिला आईपीएस रहीं किरण बेदी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद अपनी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने सुझाव दिया है कि शिक्षा मंत्रालय अब एक नई शुरुआत कर सकता है. उनका मानना है कि ये ऐसा मौका है जिसे हाथ से जाने नहीं देना चाहिए.
किरण बेदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर आगे लिखा, ''उन सभी चीजों की पहचान करें जिन्हें सही करने और बदलने की ज़रूरत है. लीडरशिप के लिए साफ संदेश है कि वे बात सुनने और सुधार करने के लिए हमेशा तैयार रहें.''
असरदार और संवेदनशील गवर्नेंस पर फोकस हो- किरण बेदी
पुडुचेरी की पूर्व उपराज्यपाल ने ये भी कहा कि लोगों की जरूरतों और उम्मीदों को लेकर संवेदनशील रहने की जरूरत है. खासकर युवाओं के प्रति यह और जरूरी है क्योंकि उनकी पूरी जिंदगी अभी बाकी है. उन्होंने कहा, ''हर तरह से असरदार और संवेदनशील गवर्नेंस पर फोकस करें. एक भी दिन बर्बाद नहीं करना है.''
किरण बेदी ने हाल में दिए थे प्रदर्शन से निपटने के सुझाव
इससे पहले पूर्व आईपीएस किरण बेदी ने दिल्ली के जंतर-मंतर समेत देश के अन्य हिस्सों में स्टूडेंट के प्रदर्शन से निपटने की तरीके का जिक्र किया था. उन्होंने सुझाव दिया था कि प्रदर्शनों से निपटने के लिए दंगा-रोधी पुलिस के बजाय सिविल डिफेंस के जवानों को सुरक्षा की पहली पंक्ति के तौर पर तैनात किया जा सकता है.
उनका ये सुझाव ऐसे वक्त में आया था, जब 20 जुलाई को 'कॉकरोच जनता पार्टी' (सीजेपी) के नेतृत्व में हुए 'संसद चलो' मार्च के दौरान प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस कार्रवाई की आलोचना हो रही थी.
जंतर- मंतर पर आंदोलन खत्म, दिल्ली मेट्रो में आज फ्री रहेगी यात्रा, पुलिस ने की लौटने की अपील
