Chhattisgarh Liquor Scam: छत्तीसगढ़ शराब घोटाले में ACB-EOW की टीम ने शराब कारोबारी विजय भाटिया को दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया है. भाटिया को रविवार को दिल्ली से रायपुर लाया गया. सोमवार को ACB- EOW की स्पेशल कोर्ट में पेश किया जाएगा. इसके साथ ही रविवार (01 जून) को ACB और EOW की टीम ने भाटिया के दुर्ग और भिलाई में कई ठिकानों पर छापे मारे.

जानकारी के मुताबिक EOW के अधिकारी सुबह 6 बजे भिलाई नेहरू नगर स्थित भाटिया के घर पहुंचे. सबसे पहले अधिकारियों ने घर के चारों तरफ छानबीन की. इसके बाद घर के एक-एक सदस्य से पूछताछ की गई.

पिछले 2 साल से फरार था विजय भाटिया

जानकारी के मुताबिक छत्तीसगढ़ में हुए Liquor घोटाले में शराब कारोबारी विजय भाटिया का नाम आने के बाद 2 साल पहले दुर्ग स्थित भाटिया के निवास पर ED ने छापा मारा था. तभी से विजय भाटिया फरार चल रहा था. ACB और EOW की टीमें लगातार भाटिया की तलाश में जुटी हुईं थी. तभी अचानक EOW को भाटिया के दिल्ली में होने का सुराग मिला. जिसके बाद ACB-EOW की टीम ने रविवार सुबह दिल्ली से विजय भाटिया को गिरफ्तार कर लिया और उसे रायपुर लाया गया.

सोमवार को कोर्ट में विजय भाटिया की होगी पेशी

शराब कारोबारी विजय भाटिया को ईओडब्ल्यू और एसीबी की टीम दिल्ली से गिरफ्तार कर रायपुर लाइन लेकिन रविवार को अवकाश होने के चलते उसे रिमांड कोर्ट में पेश किया . सुनवाई के बाद कोर्ट ने उसे एक दिन की न्यायिक रिमांड पर भेज दिया. अब सोमवार को एक बार फिर शराब कारोबारी भाटिया को ACB-EOW स्पेशल कोर्ट में पेश किया जाएगा. जहां EOW आरोपी से पूछताछ के लिए 14 दिन की रिमांड के लिए आवेदन पेश करेगी.

भूपेश बघेल के करीबियों पर हुई थी रेड

2 साल पहले छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बर्थडे के दिन उनके करीबियों के यहां रेड डाली थी. जिनमें भूपेश बघेल के राजनीतिक सलाहकार विनोद वर्मा, OSD आशीष वर्मा, मनीष बंछोर और शराब कारोबारी विजय भाटिया के ठिकाने शामिल थे. उस वक्त एड की रेट को लेकर सियासी बयानबाजी भी खूब हुई थी. 

पूर्व मुख्यमंत्री बघेल ने इसे पीएम मोदी की तरफ से दिया गया बर्थडे गिफ्ट भी बताया था. भूपेश बघेल ने कहा था, ''प्रधानमंत्री मोदी जी और अमित शाह जी ने मेरे जन्मदिन पर आपने मेरे राजनीतिक सलाहकार मेरे ओएसडी और अन्य करीबियों के यहां ED की रेड करवा कर मुझे जन्मदिन का अमूल्य तोहफा दिया है.''

क्या है छत्तीसगढ़ का शराब घोटाला?

छत्तीसगढ़ शराब घोटाले की जांच ED कर रही है. ईडी ने उसको लेकर ACB में केस दर्ज किया है. एड की जांच में सामने आया कि छत्तीसगढ़ में तत्कालीन भूपेश बघेल सरकार के दौरान आबकारी मंत्री कवासी लखमा, IAS अनिल टुटेजा, आबकारी विभाग के एमडी एपी त्रिपाठी, कारोबारी अनिल ढेबर और अरविंद सिंह ने मिलकर एक सिंडिकेट तैयार किया. जिसके जरिए छत्तीसगढ़ आबकारी नीति में कुछ चुनिंदा शराब कारोबारी को फायदा पहुंचाने की नीयत से बदलाव किए गए. 

इसके साथ ही शराब की बोतलों में नकली होलोग्राम लगाकर भी करोड़ों की चपत आबकारी विभाग को लगाई गई. जिसके कमीशन के तौर पर भी सिंडिकेट में करोड़ों रुपए कमाए. इस मामले में तत्कालीन आबकारी मंत्री कबासी लखमा, तत्कालीन IAS अनिल टुटेजा, कारोबारी अनिल ढेबर और अरविंद सिंह समेत कई अधिकारी जेल में है.

विनीत पाठक की रिपोर्ट