Bhupesh Baghel On Pegasus: छत्तीसगढ़ में पेगासस जासूसी का मामला फिर चर्चा में आ गया है. कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और पंजाब कांग्रेस के प्रभारी भूपेश बघेल ने बीजेपी सरकार पर उनकी जासूसी कराने और फोन टैपिंग के गंभीर आरोप लगाए हैं. एबीपी न्यूज़ को दिए इंटरव्यू में बघेल ने दावा किया कि उनका फोन सर्विलांस पर है.

इतना ही नही इंटेलीजेंस एजेंसी के लोग भी तीन दिन पहले उनके बंगले पर पूछताछ करने आए थे. बघेल ने कहा कि इससे पहले भी हमारे नेता राहुल गांधी समेत कई विपक्षी नेताओं की जासूसी और फोन टैपिंग सरकार करा चुकी है. 

मेरी जिम्मेदारी बढ़ने के बाद तेज हुई मेरी जासूसी- बघेलबघेल का कहना है कि जब से उन्हें राष्ट्रीय महासचिव और पंजाब कांग्रेस का प्रभारी बनाया गया है, उनकी जासूसी बढ़ गई है. उन्होंने बताया कि इंटेलिजेंस अधिकारी उनके घर आकर यह पता कर रहे हैं कि वहां कितने लोग रहते हैं और उनसे कौन-कौन मिलने आता है. इससे पहले भी राहुल गांधी सहित कई विपक्षी नेताओं पर इसी तरह की जासूसी के आरोप लग चुके हैं.

पहले भी विपक्षी नेताओं की जासूसी के आरोप- बघेलभूपेश बघेल का दावा है कि यह पहली बार नहीं है जब सरकार पर विपक्षी नेताओं की जासूसी करने के आरोप लगे हैं. इससे पहले राहुल गांधी और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव भी इजरायली सॉफ्टवेयर पेगासिस के जरिए फोन टैपिंग का आरोप सरकार पर लगा चुके हैं.

कुछ दिन पहले छत्तीसगढ़ कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज के बंगले के बाहर एक पुलिस अधिकारी संदिग्ध रूप से जासूसी करता हुआ पकड़ा गया था. बैज ने भी सरकार पर कांग्रेस नेताओं की जासूसी कराने और फोन सर्विलांस पर डालने के आरोप लगाए हैं. इस मुद्दे पर छत्तीसगढ़ विधानसभा में भी कांग्रेस विधायकों ने जमकर हंगामा किया था.

बीजेपी का पलटवार, कहा- कांग्रेस की पुरानी परंपराविधानसभा में जासूसी के आरोपों को लेकर हुए हंगामे के बाद बीजेपी ने पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस के शासन में ही विपक्षी नेताओं की जासूसी होती थी और यह उनकी पुरानी परंपरा रही है. बीजेपी का कहना है कि उनकी सरकार किसी भी विपक्षी नेता की जासूसी नहीं करवा रही है.

भूपेश बघेल जल्द देंगे आलाकमान को जानकारीभूपेश बघेल का कहना है कि पार्टी ने उन्हें पंजाब चुनाव जीतने की जिम्मेदारी दी है, और इसी वजह से उनकी जासूसी तेज कर दी गई है. वह जल्द ही दिल्ली जाकर पार्टी आलाकमान को इस पूरे मामले की जानकारी देंगे. कुल मिलाकर यह मामला अब राजनीतिक गलियारों में गरमाया हुआ है और आने वाले दिनों में इस पर और विवाद बढ़ सकता है.

विनीत पाठक की रिपोर्ट.

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