छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले से एक दुखद और गंभीर मामला सामने आया है. जहां एक सरकारी स्कूल के प्रधानाध्यापक की आत्महत्या के मामले में पुलिस ने एक ठेकेदार को गिरफ्तार किया है. यह घटना पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है.
पालनार गांव के सरकारी स्कूल में प्रधानाध्यापक के पद पर तैनात राजू पुजारी ने 22 अप्रैल को चेरपाल गांव के पास जंगल में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी. घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची, शव को बरामद किया और मामले की जांच शुरू की.
पुलिस को मृतक के पास से मिला एक सुसाइड नोट
पुलिस के अनुसार, जांच के दौरान पुलिस को मृतक के पास से एक सुसाइड नोट मिला, जिसमें उसने कुछ लोगों पर मानसिक रूप से परेशान करने का आरोप लगाया था. इस नोट के आधार पर पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया और आगे की जांच की. पुलिस जांच में सामने आया कि स्कूल भवन का निर्माण कार्य विद्यालय प्रबंधन समिति के माध्यम से कराया जा रहा था, जिसमें ठेकेदार देवाशीष मंडल को जिम्मेदारी दी गई थी. इस काम के लिए उसे करीब 40 प्रतिशत भुगतान पहले ही किया जा चुका था, जबकि बाकी रकम को लेकर विवाद चल रहा था.
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आरोपियों की तलाश में जुटी पुलिस
बताया जा रहा है कि भुगतान को लेकर ठेकेदार और अन्य लोगों द्वारा लगातार दबाव बनाया जा रहा था. प्रधानाध्यापक राजू पुजारी इस दबाव और संभावित फंसाए जाने के डर से काफी मानसिक तनाव में थे. पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और गवाहों के बयानों के आधार पर पुलिस ने पाया कि यह मामला आत्महत्या के लिए उकसाने का हो सकता है. इसके बाद पुलिस ने ठेकेदार देवाशीष मंडल (36) को गिरफ्तार कर लिया है. फिलहाल, पुलिस इस मामले में अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है और पूरे घटनाक्रम की गहराई से जांच जारी है.
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