देश के कई हिस्सों में 19 अप्रैल को गर्मी ने लोगों का हाल बेहाल कर दिया. विदर्भ, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में तापमान 43 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच गया. सबसे ज्यादा तापमान विदर्भ के अकोला और वर्धा में 45 डिग्री दर्ज किया गया. वहीं वाराणसी, नागपुर और रायसेन जैसे शहरों में भी पारा 44 डिग्री के पार रहा. अप्रैल के तीसरे सप्ताह में ही इस तरह की गर्मी ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है.
विदर्भ में सबसे ज्यादा असर
विदर्भ क्षेत्र में गर्मी का असर सबसे ज्यादा देखने को मिला. अकोला और वर्धा में 45.0 डिग्री तापमान दर्ज हुआ, जो सामान्य से करीब 3 से 4 डिग्री ज्यादा है. नागपुर में 44.4, अमरावती में 44.2, गोंदिया में 43.5 और यवतमाल में 43.2 डिग्री तापमान रहा. ब्रह्मपुरी और गढ़चिरौली में भी पारा 43 डिग्री के आसपास बना रहा. लगातार बढ़ती गर्मी ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया है.
मध्य प्रदेश में भी हालात गंभीर
मध्य प्रदेश में भी गर्मी ने जोर पकड़ लिया है. नौगांव में 44.3 डिग्री तापमान दर्ज हुआ, जो सामान्य से 4.6 डिग्री ज्यादा है. मंडला में 43.9, रतलाम में 43.8, खजुराहो में 43.4 और दतिया व उमरिया में 43.1 डिग्री तापमान रहा. यहां भी लोगों को तेज धूप और लू का सामना करना पड़ रहा है.
छत्तीसगढ़ और पूर्वी राज्यों में भी असर
छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव में 44.5 डिग्री तापमान दर्ज हुआ. माना में 44.0, दुर्ग में 43.6 और बिलासपुर में 43.4 डिग्री तापमान रहा. वहीं झारखंड के डाल्टनगंज में 43.9 और ओडिशा के झारसुगुड़ा में 43.3 डिग्री तापमान दर्ज किया गया. इन इलाकों में भी गर्म हवाओं ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं.
भारतीय मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में कई राज्यों में लू चल सकती है. लोगों को दिन के समय घर से बाहर निकलने में सावधानी बरतने की सलाह दी गई है. विशेषज्ञों का कहना है कि अप्रैल में ही इतनी गर्मी होना इस बात का संकेत है कि मई और जून में हालात और ज्यादा चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं.
