छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में शुक्रवार (12 सितंबर) को सुरक्षाबलों ने मुठभेड़ में दो नक्सलियों को मार गिराया. 24 घंटे के भीतर छत्तीसगढ़ में सुरक्षाबलों को ये दूसरी बड़ी कामयाबी मिली है. गुरुवार को गरियाबंद जिले में 10 नक्सलियों को ढेर कर दिया गया था.
बीजापुर जिले के दक्षिण-पश्चिमी क्षेत्र में माओवादियों की मौजूदगी की जानकारी के आधार पर सुरक्षाबलों ने सर्च ऑपरेशन शुरू किया. इस अभियान के दौरान सुबह सुरक्षाबलों और माओवादियों के बीच रुक-रुक कर मुठभेड़ हुई. अब तक सर्च ऑपरेशन के दौरान मुठभेड़ स्थल से 02 माओवादियों के शव बरामद किए गए हैं. साथ ही मौके से 303 रायफल सहित अन्य हथियार, विस्फोटक सामग्री और दैनिक उपयोग की वस्तुएं बरामद हुई हैं.
एक अधिकारी ने कहा कि ऑपरेशन अभी भी जारी है और इसके खत्म होने के बाद अधिक जानकारी साझा की जाएगी.
अब तक 243 नक्सली ढेर
गरियाबंद एनकाउंटर में मारे नक्सलियों में प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय समिति सदस्य (सीसीएम) मोड़ेम बालकृष्ण उर्फ भास्कर भी शामिल है. भास्कर पर एक करोड़ रुपये का ईनाम था. रायपुर क्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक अमरेश मिश्रा ने बताया कि मैनपुर क्षेत्र में सुरक्षाबलों ने मुठभेड़ में कम से कम 10 नक्सलियों को मार गिराया.
पुलिस के मुताबिक इस मुठभेड़ के साथ, इस साल अब तक छत्तीसगढ़ में अलग-अलग एनकाउंटर में 243 नक्सली मारे गए हैं इसी साल जनवरी में, गरियाबंद के मैनपुर इलाके में सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ में 16 नक्सली मारे गए थे. पिछले साल, छत्तीसगढ़ में अलग-अलग मुठभेड़ों में सुरक्षाबलों ने 219 नक्सलियों को ढेर कर दिया था. सरकार ने नक्सलियों के खात्मे का लक्ष्य मार्च 2026 रखा है.
अमित शाह ने क्या कहा?
गरियाबंद की सफलता के बाद केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा, ''नक्सलियों के विरुद्ध हमारे सुरक्षा बलों ने आज एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है. छत्तीसगढ़ में CRPF की कोबरा कमांडो, छत्तीसगढ़ पुलिस और DRG ने जॉइंट ऑपरेशन चलाकर ₹1 करोड़ के इनामी सीसीएम मोडेम बालकृष्णा उर्फ मनोज सहित 10 कुख्यात नक्सलियों को मारा गिराया है. समय रहते बचे-खुचे नक्सली भी आत्मसमर्पण कर दें. आगामी 31 मार्च से पहले लाल आतंक का समूल नाश निश्चित है.''