जहानाबाद: जम्मू-कश्मीर के बारामूला में सोमवार को हुए आतंकी हमले में शहीद लवकुश शर्मा का बुधवार को उनके पैतृक गांव में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया. गार्ड ऑफ ऑनर के बाद जब 7 साल के बेटे सूरज ने अपने पिता को मुखाग्नि दी पूरा वातावरण गमगीन हो गया. अपने मिट्टी के लाल के अंतिम दर्शन को लेकर गांव में जनसैलाब सा उमड़ पड़ा.


इधर, सरकार के प्रतिनिधि के तौर पर अंतिम संस्कार में पहुंचे सूबे के शिक्षा मंत्री कृष्णनंदन वर्मा ने कहा कि इस घटना से पूरा देश मर्माहत है. दुख की इस घड़ी में सरकार शहीद के परिवार के साथ है. जल्द ही गांव स्थित सरकारी विद्यालय का नामकरण शहीद के नाम पर कर दिया जाएगा और दो चार दिनों में इसका नोटिफिकेशन भी जारी कर दिया जाएगा.


अंतिम संस्कार में शामिल होने पहुंचे सीआरपीएफ के डीआईजी संजय कुमार ने कहा कि शहीद के परिजनों को केन्द्र और राज्य सरकार के प्रावधानों के अनुसार सारी सुविधाएं और राशि मुहैया कराई जाएगी. सर्विस के पूरे कार्यकाल के वेतन की राशि पेंशन के रूप में दी जायेगी. साथ ही बच्चों को पढ़ाई का खर्च दिया जायेगा.


डीएम नवीन कुमार ने कहा कि राज्य सरकार के प्रावधानों के अनुसार सारी अनुग्रह राशि मुहैया करा दी गई है. अंतिम संस्कार के दौरान मौके पर सूबे के शिक्षा मंत्री कृष्णनंदन प्रसाद वर्मा, जाप अध्यक्ष पप्पू यादव, स्थानीय सांसद-विधायक, डीएम और एसपी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे.