बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोमवार (26 अक्टूबर, 2026) को कहा है कि अब भारत को सोने की चिड़िया नहीं, बल्कि सोने का शेर बनाना है, जो पूरी दुनिया में दहाड़ सके. उन्होंने यह बात कैमूर जिले के भभुआ प्रखंड के परसिया गांव में आयोजित श्री भाष्यकार श्रीरामानुजाचार्य सहस्राब्दी महामहोत्सव एवं दिव्य-भव्य विराट अंतरराष्ट्रीय धर्म सम्मेलन के उद्घाटन के दौरान कही.
मुख्यमंत्री ने सनातन धर्म, संतों की भूमिका, भारत की सांस्कृतिक विरासत और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश के विकास का जिक्र करते हुए अपनी बात रखी.
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अपने संबोधन में भारत के पुराने गौरव और मौजूदा विकास की चर्चा करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जिक्र किया. उन्होंने कहा, "आज मैं कह सकता हूं कि सोने की चिड़िया आज से दो हजार वर्ष पहले भारत था... लेकिन अब नरेंद्र मोदी जी देश के प्रधानमंत्री हैं. अब मोदी जी ने कहा, 'सोने की चिड़िया नहीं बनाना है... अब सोने का शेर बनाना है, जो दुनिया में दहाड़ने का काम कर सके."
'संतों के आशीर्वाद से चलता है देश'
मुख्यमंत्री ने धर्म सम्मेलन में मौजूद साधु-संतों और धर्माचार्यों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया. उन्होंने कहा, "हम गृहस्थ लोग यहां पर बैठे हैं, लेकिन आप लोग जो संत हमारे हैं, इनके ही आशीर्वाद से ही यह देश चलता है. हमारे यहां तो कई लोग आए. कई लोगों ने हमको लूटने का भी काम किया, चाहे वो अंग्रेज हों या आतंकी हों. कई लोग इस भारत में आए."
उन्होंने सनातन धर्म की परंपराओं और भारतीय समाज की विशेषताओं का उल्लेख करते हुए कहा, "जो आपने जीने का तरीका हमें सिखाया है, सनातन के माध्यम से जो सबको अपने यहां ग्रहण करने की पद्धति है, उसको जो सिखाया है."
मुख्यमंत्री ने कहा कि संतों ने अपनी साधना और विचारों के माध्यम से इन परंपराओं को आगे बढ़ाने का काम किया है. उन्होंने संत समाज से आशीर्वाद की कामना करते हुए कहा कि उनके मार्गदर्शन और सहयोग से बिहार विकास के रास्ते पर और तेजी से आगे बढ़ेगा.
इस मौके पर सीएम ने प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश को आत्मनिर्भर बनाने और औद्योगिक क्षमता बढ़ाने के प्रयासों का भी जिक्र किया. मुख्यमंत्री ने कहा कि 'मेक इन इंडिया' जैसी पहलों के माध्यम से देश की औद्योगिक क्षमता को बढ़ाया जा रहा है.
नीतीश कुमार के विकास कार्यों को आगे बढ़ाने की बात
सम्राट चौधरी ने बिहार के विकास का जिक्र करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कार्यकाल की भी चर्चा की. उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार ने राज्य के विकास के लिए व्यापक काम किए हैं. अब राज्य सरकार उनके निर्धारित विकास लक्ष्यों को आगे बढ़ाने और उनके सपनों को साकार करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है.
सम्राट चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य अगले पांच वर्षों में बिहार में रोजगार के पर्याप्त अवसर उपलब्ध कराना है, ताकि किसी व्यक्ति को मजबूरी में मजदूरी करने के लिए दूसरे राज्यों में नहीं जाना पड़े. इसके लिए उद्योगों की स्थापना, निवेश को बढ़ावा देने और स्थानीय स्तर पर रोजगार पैदा करने की दिशा में काम किया जा रहा है.
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मंदिरों के विकास पर खर्च होंगे हजारों करोड़ रुपये
धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने बिहार के प्रमुख मंदिरों के विकास और जीर्णोद्धार की योजनाओं का जिक्र किया. उन्होंने बताया कि गया जी स्थित विष्णुपद मंदिर के विकास और जीर्णोद्धार का काम करीब 3,500 करोड़ रुपये की लागत से किया जा रहा है. वहीं, सोनपुर स्थित बाबा हरिहरनाथ मंदिर के विकास और जीर्णोद्धार के लिए करीब 1,000 करोड़ रुपये खर्च करने की योजना है. उन्होंने हजारों साल पुराने मां मुंडेश्वरी मंदिर के विकास और जीर्णोद्धार की भी बात कही.
कैमूर में धार्मिक पर्यटन और इको टूरिज्म को बढ़ावा
सम्राट चौधरी ने कैमूर और आसपास के इलाकों में पर्यटन की संभावनाओं का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि मां मुंडेश्वरी मंदिर और गुप्ताधाम जैसे धार्मिक स्थलों तक श्रद्धालुओं की पहुंच आसान बनाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं. पटना से हेलीकॉप्टर के माध्यम से गुप्ताधाम और मां मुंडेश्वरी के दर्शन की सुविधा शुरू की गई है.
मुख्यमंत्री ने कैमूर की पहाड़ियों और प्राकृतिक सुंदरता को देखते हुए क्षेत्र में इको टूरिज्म विकसित करने की बात कही. उन्होंने कहा कि सासाराम और कैमूर की प्राकृतिक खूबसूरती फिल्म उद्योग से जुड़े लोगों को भी आकर्षित कर रही है. पर्यटन के विकास से क्षेत्र की पहचान बढ़ने के साथ-साथ रोजगार के अवसर भी पैदा हो सकते हैं.
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