कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की टिप्पणी को लेकर जारी राजनीतिक विवाद के बीच बिहार कांग्रेस के अध्यक्ष राजेश राम ने पार्टी का पक्ष रखते हुए बीजेपी पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि खरगे के बयान को अनावश्यक रूप से तूल दिया जा रहा है, जबकि पहले उनके साथ हुए अपमानजनक व्यवहार पर बीजेपी नेताओं ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी.

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राजेश राम ने स्पष्ट किया कि खरगे की बैठक में बाधा डालने वाला व्यक्ति कांग्रेस का सदस्य नहीं था. इस दौरान उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस खरगे के समर्थन में पूरे बिहार में विरोध प्रदर्शन करेगी. एक नवंबर को दिल्ली में होने वाली रैली में राज्य से 7 हजार सदस्यों को भेजेगी.

'खरगे की बातों को समझने की जरूरत'

राजेश राम ने कहा कि खरगे के बयान के संदर्भ में दो बातों को समझने की जरूरत है. खरगे भाषण दे रहे थे और इसी दौरान एक व्यक्ति बीच में आकर कुछ बोलने लगा. भाषण के बीच अचानक हुई ऐसी घटना को दुर्घटनावश हुई घटना माना जा सकता है, लेकिन इसे बड़ा राजनीतिक मुद्दा बनाना उचित नहीं है.

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हल्द्वानी में हुई घटना की कांग्रेस ने दिलाई याद

उन्होंने हल्द्वानी में खरगे की सभा से जुड़े घटनाक्रम का उल्लेख करते हुए बीजेपी पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि उस समय सभा स्थल को पवित्र और अपवित्र जैसी धारणाओं के आधार पर शुद्ध करने की बात सामने आई थी, लेकिन बीजेपी नेताओं और केंद्रीय गृह मंत्री की ओर से उस समय वैसी प्रतिक्रिया नहीं दी गई. यदि लोकतंत्र में किसी की भावनाएं आहत होने पर प्रतिक्रिया देना जरूरी है, तो दोनों घटनाओं पर समान रूप से प्रतिक्रिया आनी चाहिए थी.

राजेश राम ने आरोप लगाया कि जातिगत अस्पृश्यता जैसे मुद्दों पर भाजपा की ओर से अपेक्षित प्रतिक्रिया नहीं दिखाई देती, जबकि दूसरे मामलों में पार्टी तुरंत विरोध दर्ज कराने लगती है. उन्होंने कहा कि खरगे की तस्वीरों पर कथित रूप से अभद्र टिप्पणियां की जा रही हैं.

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उन्होंने सवाल उठाया कि जब कांग्रेस नेताओं के खिलाफ अभद्र टिप्पणियां होती हैं, तब संबंधित लोगों की भावनाओं का ध्यान क्यों नहीं रखा जाता? उन्होंने यह भी कहा कि खरगे एक अनुभवी नेता हैं और भाषण के बीच हुई टिप्पणी को लेकर विवाद खड़ा करने से पहले पूरे घटनाक्रम को समझना चाहिए.

बिहार कांग्रेस अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि खरगे की बैठक में बाधा डालने वाला व्यक्ति कांग्रेस का कार्यकर्ता नहीं था. उन्होंने कहा कि उन्होंने उस व्यक्ति को पहले कांग्रेस कार्यालय या पार्टी के किसी कार्यक्रम में नहीं देखा था और फिलहाल उसे अपरिचित व्यक्ति ही मानते हैं. राजेश राम ने बताया कि घटना के समय उन्होंने उठकर उस व्यक्ति को देखने की कोशिश भी की थी. उनके अनुसार, सोशल मीडिया पर तस्वीरें देखने के बावजूद उसकी पहचान स्पष्ट नहीं हो पाई है.

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