बिहार विधान परिषद में मंगलवार (21 जुलाई, 2026) को गांवों में लगने वाले होल्डिंग टैक्स का मुद्दा गूंजा. आरजेडी के एमएलसी सुनील सिंह (RJD MLC Sunil Singh) ने इस मामले को उठाया. उन्होंने कहा कि सभी विषयों को स्थगित करते हुए कैबिनेट द्वारा गांव में गुजर-बसर करने वाले गरीबों से होल्डिंग टैक्स वसूलने के अलोकतांत्रिक निर्णय पर व्यापक विचार हो. इस पर सभापति अवधेश नारायण सिंह ने कहा कि यह प्रस्ताव मान्य नहीं है.

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अवधेश नारायण सिंह ने कहा कि यह नीति से जुड़ा विषय है, जिसे स्थगन प्रस्ताव के माध्यम से नहीं उठाया जा सकता. इसी आधार पर उन्होंने स्थगन प्रस्ताव को अस्वीकृत कर दिया. हालांकि सीएम सम्राट चौधरी ने सुनील सिंह की ओर से उठाए गए सवाल पर सदन में ही तुरंत इस पर जवाब दे दिया.

सरकार की ऐसी कोई मंशा नहीं: मुख्यमंत्री

इसके बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस पर कहा कि सरकार की ऐसी कोई मंशा नहीं है. उन्होंने कहा कि जिस तरह यह बताया गया कि गरीबों के ऊपर टैक्स लगाया जाने वाला है, ऐसा कोई प्रावधान नहीं है.

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'नियम बना है… कई बदलाव किए जाएंगे'

आगे सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार में पहले से कचरा प्रबंधन और नल-जल के लिए 30-30 रुपये लिए जाते हैं. उन्होंने बताया कि सरकार ने एक नियम बनाया है और उसी के आधार पर नियमों में कई बदलाव किए जाएंगे.

सीएम ने कहा कि विपक्ष की ओर से यह कहा गया कि सरकार पूरी तरह गरीबों के ऊपर टैक्स लगाने जा रही है, जबकि यह पूरी तरह निराधार है. उन्होंने दोहराया कि सरकार की ओर से ऐसा कोई प्रावधान नहीं किया गया है कि गरीबों पर होल्डिंग टैक्स लगाया जाएगा.

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