संसद भवन मार्च के दौरान लाठीचार्ज पर केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान (Chirag Paswan) की पहली प्रतिक्रिया आई है. मंगलवार (21 जुलाई, 2026) को मीडिया से बातचीत में चिराग पासवान ने कहा कि कल (सोमवार को दिल्ली में...) जिस तरीके से प्रदर्शन हुआ है, मैं छात्रों की भावनाओं का सम्मान करता हूं. स्वाभाविक है कहीं न कहीं आक्रोश है. मैं इसके पक्ष में नहीं हूं कि किसी भी प्रकार से छात्रों की आवाज को दबाया जाए. संवाद एक खूबसूरत माध्यम है.

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'सरकार ने हमेशा संवाद का माध्यम खोलकर रखा'

चिराग पासवान ने कहा कि कल जिस तरीके से उनके (कॉकरोच जनता पार्टी) प्रतिनिधि मंडल ने सरकार से मिलने की इच्छा जाहिर की, तुरंत सरकार से उनकी मुलाकात हुई. जेपी नड्डा से मुलाकात हुई. वहां बात हुई. सरकार ने हमेशा संवाद का माध्यम खोलकर रखा है.

युवा पीढ़ी को चिराग ने बताया देश का भविष्य

केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा, "कई बार आक्रोश इतना होता है कि लोग सड़क पर आते हैं… लोकतंत्र शांतिपूर्ण प्रदर्शन की इजाजत देता है पर कभी न कभी मर्यादाएं अगर लांघी जाती हैं, कानून-व्यवस्था में अड़चन आती है तो कड़े कदम उठाने पड़ते हैं, लेकिन मैं समर्थन नहीं करता हूं. युवा पीढ़ी हैं, हमारे देश के भविष्य हैं, उनकी भावनाओं का सम्मान होते रहना चाहिए जिसके लिए हमारी सरकार प्रतिबद्ध है."

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संसदीय दल की बैठक पर क्या बोले?

चिराग पासवान ने उक्त बयान दिल्ली में दिया है. इसके साथ ही नेशनल डेमोक्रेटिक अलायंस (NDA) की संसदीय दल की बैठक पर भी केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा, "प्रधानमंत्री ने देश के युवाओं और उन्हें सही मार्गदर्शन मिलने के बारे में बात की. उन्होंने देश के उन युवाओं के अनुभव भी साझा किए जिन्होंने न केवल राष्ट्रीय बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी देश का नाम रोशन किया है. प्रधानमंत्री ने युवाओं के भविष्य को लेकर भी अपने विचार साझा किए."

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