जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने बीजेपी और जेडीयू के बीच 'कलह' की बात कही है. प्रशांत किशोर ने शुक्रवार (09 अक्टूबर, 2026) को पटना में मीडिया से बातचीत में कहा कि बिहार का डीजीपी कौन होगा यह तय नहीं हो पा रहा है कि सम्राट चौधरी नियुक्त करेंगे या ललन सिंह करेंगे. 

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प्रशांत किशोर ने कहा कि यह तय नहीं हो पा रहा है कि सीएमओ को नीतीश कुमार कि विश्वस्त 'डीके बॉस' चलाएंगे या सम्राट चौधरी के प्रिंसिपल सेक्रेटरी चलाएंगे. उन्होंने कहा कि पूरी व्यवस्था को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह चला रहे हैं. पीके का कहना है कि अमित शाह जो चाहेंगे वही होगा. सम्राट चौधरी के चाहने से नहीं होगा.

'ज्ञानेश कुमार को इस्तीफा देना चाहिए'

प्रशांत किशोर ने एसआईआर पर हो रहे विरोध पर भी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि 8-10 वर्षों से चुनाव आयोग की विश्वसनीयता पर प्रश्नचिह्न लगे हैं. ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा होना चाहिए. बिहार में मतदान से दो दिन पहले तक वोट खरीदे गए और चुनाव आयोग मूकदर्शक रहा, जब तक चुनाव प्रक्रिया पारदर्शी नहीं होगी, विरोध होगा."

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पीके ने चुनाव को खर्चीला बनाने के आरोप पर कहा, "पहले नेता लालू जी का जंगलराज आ जाएगा कहकर जीतते थे, अब सरकार को 20 हजार करोड़ रुपये खर्च करने पड़े, हमारी वजह से सरकार को थोड़ी मेहनत-पैसा खर्च करना पड़ा, हमने बिहार के लोगों को दिखाया कि आप वोट के लिए 10 हजार रुपये मांगेंगे तो मिलेगा, शिक्षा-रोजगार मांगेंगे तो वो भी मिलेगा…"

'नीरज कुमार अपनी औकात से…'

एमएलसी चुनाव में पटना स्नातक सीट से जेडीयू के उम्मीदवार नीरज कुमार पर भी प्रशांत किशोर बरसे. उन्होंने कहा कि नीरज कुमार अपनी औकात से ऊपर उठकर बोलने लगे थे, इसलिए उनका अंत सुनिश्चित कर दिया है. पीके ने कहा कि आज फिर दावा करता हूं, नीतीश कुमार मीडिया के सामने एक मिनट कह दें कि नीरज कुमार हमारे साथ रहे हैं और इन्हें मेरा समर्थन है, तो मैं अपना उम्मीदवार वापस ले लूंगा.

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