नीट पेपर लीक पर खान सर की प्रतिक्रिया सामने आई है. उन्होंने कहा कि इससे लाखों बच्चों के जीवन के साथ खिलवाड़ है. इनका कॉन्फिडेंस तोड़ा जा रहा है. सबसे दुर्भाग्य की बात ये है कि 2024 में भी इसी तरह की घटना हुई थी. सीबीआई की जांच हुई, कुछ नतीजा नहीं निकला. इससे मनोबल बढ़ गया है फिर उन्होंने ये किया. 

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आपको सबसे हास्यास्पद क्या लगेगी कि इसकी जानकारी किसी एजेंसी ने नहीं दी बल्कि बच्चों ने सरकार के पास पहुंचाई कि हमारा पेपर लीक हो गया है. सरकार की जो एजेंसी हैं उन्हें ये पता चलना चाहिए था. हमने जिस एजेंसी को एग्जाम कराने के लिए दिया हुआ है, समझ नहीं आता कि पेपर कराने के लिए दिया गया है या लीक कराने के लिए? NTA का नाम नेशनल टेस्टिंग एजेंसी नहीं, नेवर ट्रस्टेबल एजेंसी होना चाहिए. दस रुपये में बच्चों का जो डाइपर आता है वो लीक नहीं होता, इनका पेपर लीक हो जाता है."

'SC के रिटायर जज को इसका ऑब्जर्वर बनाना चाहिए'

खान सर ने आगे कहा, "इन लोगों की व्यवस्था इतनी घटिया है और जांच किसको देंगे सीबीआई को. सीबीआई कब किस नतीजे पर बढ़िया से उतरेगी. अगर ये सीबीआई को गया तो बच्चों का MBBS कंप्लीट होगा तब तक इनकी जांच चलती रहेगी. सुप्रीम कोर्ट के किसी रिटायर जज को इसका ऑब्जर्वर बनाना चाहिए और एक टाइमलाइन के अंदर में जो जिम्मेदार हैं उनको कड़ी सजा मिलनी चाहिए. अगर सजा नहीं होगी तो आज राजस्थान और केरल नाम आ रहा है, कल कोई और नाम आएगा."

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'प्रधानमंत्री को इसमें व्यक्तिगत रूप से इनवॉल्व होना चाहिए'

इसके आगे उन्होंने कहा, "प्रधानमंत्री को इसमें व्यक्तिगत रूप से इनवॉल्व होना चाहिए और कड़ी से कड़ी सजा दिलानी चाहिए. सुप्रीम कोर्ट को भी इसमें आगे आना चाहिए. इतिहास उठाकर देखिए जब भी पेपर लीक होता है, अगला जो पेपर होता है, एजेंसी दुश्मनी करके बनाती है. 2024 में नीट का पेपर लीक हुआ उसके बाद बच्चों का जान निकाल दिया गया इतना टफ पेपर बनाया गया. 1997 में लखनऊ से IIT-JEE का पेपर लीक होता है, उसके बाद जो टफ बनाया, जान निकाल देता है बच्चों का."

सीबीआई नोकिया मोबाइल की तरह है- खान सर

खान सर ने कहा, "सीबीआई के बस का नहीं है. सीबीआई नोकिया मोबाइल की तरह है. था जब था. अंग्रेजों ने बनाया था. अंग्रेज किस लिए बनाएंगे, किसी मुद्दे को दबा देने के लिए...इसे केवल एक परीक्षा के तौर पर मत देखिए. इससे राष्ट्रीय छवि खराब होती है. बच्चों का मनोबल टूटता है. पैसे वाले रसूखदार के लिए नए रास्ते खुलते हैं." 

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