बिहार में प्राइवेट स्कूल की मनमानी अब नहीं चलेगी. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इसके लिए पहल की है. यह भी कहा है कि आदेश के उल्लंघन पर कार्रवाई तय है. सम्राट चौधरी ने मंगलवार (12 मई, 2026) को अपने एक्स हैंडल से इस संबंध में पोस्ट किया है.

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लिखा है, "निजी स्कूलों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की पहल! प्रदेश के निजी स्कूलों में मनमानी रोकने, फीस को नियंत्रित करने और छात्रों व अभिभावकों के हितों की रक्षा करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है."

'मनमानी बढ़ोतरी व अनावश्यक शुल्क पर रोक'

उन्होंने कहा, "निजी विद्यालयों को फीस की पूरी जानकारी सार्वजनिक करना अनिवार्य, मनमानी बढ़ोतरी व अनावश्यक शुल्क पर रोक होगा. साथ ही किताबें-यूनिफॉर्म कहीं से भी खरीदने की स्वतंत्रता, छात्रों को फीस बकाया पर भी परीक्षा/परिणाम से वंचित नहीं किया जाएगा. आदेश के उल्लंघन होने पर कड़ी कार्रवाई तय है. इससे प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था अधिक पारदर्शी, न्यायसंगत और सुलभ बनेगी."

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बराबर आती थी अभिभावकों की ओर से शिकायत

बता दें कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का ये फैसला अभिभावकों के हित में है. कई बार अभिभावकों की ओर से ऐसी शिकायतें सामने आ चुकी हैं कि स्कूल से किताब लेने का दबाव बनाया जाता है या फिर चुनिंदा दुकानों से ही यूनिफॉर्म आदि लेने के लिए कहा जाता है. अब ऐसा नहीं हो सकेगा.

जानकारी हो कि हर साल प्राइवेट स्कूल वाले मिसलेनियस और एनुअल फीस आदि के नाम पर पैसे लेते हैं. जब-जब सेशन की शुरुआत होती है ऐसी खबरें आती रहती हैं. अब बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के आदेश से अभिभावकों को कितनी राहत मिलती है यह देखने वाली बात होगी.

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