राज्यसभा सांसद नीतीश कुमार (Nitish Kumar) के बेटे और बिहार सरकार में स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार (Nishant Kumar) की शैक्षणिक योग्यता पर सियासत जारी है. बी.टेक को लेकर आरजेडी ने घेरा था. कहा था कि जिस नीतीश कुमार के बेटे को लोग इंजीनियर बताते नहीं थकते थे वह 12वीं पास निकला. इस बीच खुद निशांत कुमार का रिएक्शन आया है. 

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बुधवार (10 जून, 2026) को निशांत कुमार जब मीडिया के सामने आए तो पत्रकारों ने बी.टेक पर सवाल कर दिया. पूछने लगे कि कुछ तो इस पर बोल दीजिए लेकिन निशांत कुमार सवालों को सुनकर चुप रहे. उन्होंने किसी तरह की प्रतिक्रिया नहीं दी.

निशांत कुमार ने दिया रटा-रटाया बयान

दूसरी ओर पीएमसीच में आए दिन गार्ड मारपीट कर रहे हैं. पार्किंग को लेकर विवाद हो रहा है. इस पर मीडिया ने सवाल किया तो निशांत कुमार ने कहा कि जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. इस तरह का रटा-रटाया बयान देकर निशांत कुमार निकल गए.

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निशांत ने पूरी नहीं की इंजीनियरिंग की पढ़ाई 

बता दें कि निशांत कुमार ने बी.टेक की पढ़ाई पूरी नहीं की है. चुनावी हलफनामे के अनुसार, उन्होंने वर्ष 1998 में पटना साइंस कॉलेज से 12वीं परीक्षा पास की थी. इसके बाद उन्होंने रांची स्थित बिरला इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (बीआईटी), मेसरा में बैचलर ऑफ इंजीनियरिंग पाठ्यक्रम में दाखिला लिया. हालांकि, निशांत कुमार ने कोर्स पूरा नहीं किया. आठ सेमेस्टर में से केवल पांच सेमेस्टर पूरे किए. वर्ष 2001 में पढ़ाई छोड़ दी.

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कांग्रेस ने किया जेडीयू पर हमला

आरजेडी के बाद इस मामले में कांग्रेस ने भी हमला बोला है. बिहार कांग्रेस के प्रवक्ता डॉ. स्नेहाशीष वर्धन ने कहा, "निशांत कुमार को जेडीयू इंजीनियर बताते नहीं अघा रही थी… अब निशांत ने अपने चुनावी हलफनामे में जिक्र किया है कि उन्होंने पांचवीं सेमेस्टर के बाद पढ़ाई पूरी नहीं की… जो चिंतनीय है. जनता को झूठे तथ्यों के साथ जनता दल यूनाइटेड ने बरगलाया है, उसे बिहार की जनता से क्षमा मांगनी चाहिए."

उन्होंने आगे कहा, "जनता दल यूनाइटेड में भी भाजपा से गठबंधन के बाद झूठ की खेती आम हो चुकी है. एनडीए में डिग्री चोर नेताओं की लंबी फेहरिस्त में अब निशांत कुमार का नाम भी जुड़ गया है. स्वास्थ्य मंत्री के तौर पर अपने पहले परीक्षा में वें फेल साबित हुए हैं और अब देखना है कि भविष्य में बिहार की लचर स्वास्थ्य व्यवस्था को 12वीं पास स्वास्थ्य मंत्री कितना सुधार पाते हैं क्योंकि उनकी काबिलियत पर अब शंका आम हो चुकी है."

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