बिहार में इन दिनों जनता से जुड़े मुद्दों से ज्यादा नेताओं की सुरक्षा और सरकारी आवास को लेकर राजनीतिक बहस छिड़ी हुई है. सत्ता पक्ष और विपक्ष एक-दूसरे पर लगातार हमलावर हैं. एक तरफ बिहार सरकार ने पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के 10 सर्कुलर रोड स्थित सरकारी आवास को खाली करने के लिए नोटिस जारी किया है, तो दूसरी तरफ लालू परिवार की सुरक्षा में कटौती का मामला भी राजनीतिक चर्चा का केंद्र बना हुआ है.
हाल ही में पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी की सुरक्षा में कटौती की गई थी. इसके विरोध में लालू परिवार ने अपनी पूरी सरकारी सुरक्षा वापस करने का फैसला लिया. इस फैसले के बाद राजनीतिक गलियारों में बयानबाजी का दौर शुरू हो गया.
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राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने सरकार पर राजनीतिक दुर्भावना से कार्रवाई करने का आरोप लगाया, जबकि सरकार इसे नियमों के तहत लिया गया फैसला बता रही है.
बिना सुरक्षा सड़क पर दिखे लालू यादव
इसी बीच बुधवार (10 जून) को राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव पटना की सड़कों पर बिना किसी सरकारी सुरक्षा के नजर आए. वह काले रंग की इनोवा गाड़ी में सफर करते दिखे.
गाड़ी की आगे वाली सीट पर लालू यादव खुद बैठे थे, जबकि वाहन चालक और दो अन्य लोग उनके साथ मौजूद थे. खास बात यह रही कि उनके साथ कोई सुरक्षाकर्मी दिखाई नहीं दिया.
बताया जा रहा है कि सिंगापुर से इलाज कर लौटने के बाद यह पहला मौका है जब लालू यादव सार्वजनिक रूप से बिना सुरक्षा के बाहर निकले हैं. उनकी यह तस्वीर और वीडियो अब राजनीतिक चर्चाओं का हिस्सा बन गए हैं.
राजद का सरकार पर हमला
जब लालू परिवार ने सुरक्षा वापस करने का फैसला लिया था, तब राजद नेता शक्ति यादव ने खुलकर कहा था कि लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव और पूरे परिवार की सुरक्षा बिहार की जनता करेगी. उन्होंने यह भी चेतावनी दी थी कि अगर इन नेताओं को किसी तरह का नुकसान पहुंचा तो जनता इसका जवाब देगी.
सुरक्षा और सरकारी आवास को लेकर शुरू हुआ यह विवाद फिलहाल थमता नजर नहीं आ रहा है. आने वाले दिनों में यह मुद्दा बिहार की राजनीति में और ज्यादा गर्मा सकता है. सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों अपने-अपने तर्कों के साथ मैदान में हैं, जबकि इस पूरे घटनाक्रम पर जनता की भी नजर बनी हुई है.
