राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने बुधवार (10 जून, 2026) को कहा है कि राज्य के लाखों रैयतों से जुड़े भूमि अभिलेखों के सुधार, उत्तराधिकार नामांतरण और बंटवारा आधारित नामांतरण जैसे दिए गए आवेदनों का निपटारा एक सप्ताह में करना होगा. इसके लिए 11 से 17 जून तक राज्यभर के अंचलों में विशेष अभियान चलाया जाएगा.

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उन्होंने कहा कि पिछले साल (2025) 16 अगस्त से 20 सितंबर 2025 तक महाअभियान चला था. इस दौरान राज्य के सभी हल्कों में शिविर लगाकर आम रैयतों से डिजिटल जमाबंदी में त्रुटि सुधार, छूटी हुई जमाबंदियों को ऑनलाइन करने, उत्तराधिकार आधारित नामांतरणतथा बंटवारा आधारित नामांतरण से संबंधित आवेदन प्राप्त किए गए थे. अभियान के दौरान कुल 46 लाख आवेदन प्राप्त हुए थे.

दिलीप जायसवाल ने कहा कि अभियान के अगले चरण में इन सभी आवेदनों की स्कैनिंग, संबंधित पोर्टलों पर अपलोडिंग के बाद अभियान चलाकर समयबद्ध निष्पादन की कार्रवाई की जानी थी. 31 मार्च 2026 तक सभी आवेदनों के निष्पादन का लक्ष्य निर्धारित किया गया था. इसके बावजूद कई जिलों में कार्य में प्रगति नहीं हो पाई.

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अब तक 26.43 प्रतिशत आवेदन ही अपलोड

उन्होंने बताया कि प्राप्त आवेदनों में से अब तक 81.91 प्रतिशत आवेदनों की स्कैनिंग की जा सकी है, जबकि मात्र 26.43 प्रतिशत आवेदन ही संबंधित पोर्टलों पर अपलोड किए गए हैं. मंत्री ने इस स्थिति को गंभीर और चिंताजनक बताते हुए कहा कि लाखों रैयतों के आवेदन लंबित रहना स्वीकार्य नहीं है.

स्पष्ट कहा कि विशेष शिविर के दौरान दो प्रमुख कार्यों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा. महाअभियान के दौरान प्राप्त सभी आवेदनों की शत-प्रतिशत स्कैनिंग सुनिश्चित की जाएगी और सभी आवेदनों को संबंधित पोर्टल पर शत-प्रतिशत अपलोड किया जाएगा. इसके उपरांत तीसरे चरण में आवेदनों का यथासंभव त्वरित निष्पादन सुनिश्चित किया जाएगा ताकि लोगों को भूमि संबंधी मामलों में अनावश्यक प्रतीक्षा न करनी पड़े.

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उन्होंने बताया कि यह विशेष शिविर एक सप्ताह तक (11 जून से 17 जून) चलेगा. रविवार को भी कार्य जारी रहेगा. सभी अंचलों को निर्देश दिया गया है कि उपलब्ध मानव संसाधनों का अधिकतम उपयोग करते हुए लंबित कार्यों का निपटारा किया जाए. शिवहर, शेखपुरा, लखीसराय, जहानाबाद और अरवल को छोड़कर शेष जिलों के विशेष सर्वेक्षण अमीनों को स्कैनिंग, अपलोडिंग और निष्पादन कार्य में लगाया जाएगा, जिससे कार्यों में तेजी आएगी.

मंत्री दिलीप जायसवाल ने दी चेतावनी

अधिकारियों को चेतावनी देते हुए उन्होंने कहा कि इस अभियान को केवल औपचारिकता के रूप में नहीं लिया जाए. विशेष शिविर के दौरान प्राप्त लक्ष्यों की पूर्ति कराना संबंधित अंचल अधिकारी और राजस्व अधिकारी की व्यक्तिगत जिम्मेदारी होगी. कार्यों की नियमित निगरानी विभागीय स्तर पर की जाएगी और प्रगति की समीक्षा की जाएगी. 

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