बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजों पर वीआईपी चीफ मुकेश सहनी ने विस्तार से अपनी बात रखी. उन्होंने कहा कि वो जब भी बनेंगे डिप्टी सीएम ही बनेंगे. उन्होंने कहा कि चुनाव में कहां गलती हो गई इसकी समीक्षा होगी लेकिन हम संघर्ष करने वाले लोग हैं और इसे जारी रखेंगे. बिहार के सीएम नीतीश कुमार को लेकर उन्होंने कहा कि वो मुख्यमंत्री की इज्जत करते हैं और करते रहेंगे. लेकिन साथ ही ये भी कहा कि अब नीतीश कुमार अस्वस्थ हो चुके हैं. तबीयत ठीक नहीं होने के बावजूद वो कुर्सी से प्यार कर रहे हैं. अब उन्हें रिटायर हो जाना चाहिए.

Continues below advertisement

नीतीश कुमार न्यौता दें तो साथ जाएंगे?

क्या नीतीश कुमार न्यौता दें तो साथ जाएंगे, इस सवाल पर उन्होंने कहा कि कोई खैरात नहीं चाहिए, हम संघर्ष करेंगे और हासिल करेंगे. जब उनसे सवाल किया गया कि आरजेडी या कांग्रेस, किसके साथ ज्यादा कंफर्टेबल हैं, इस पर उन्होंने कहा, "मैं इंडिया गठबंधन के साथ कंफर्टेबल हूं. मैं इंडिया गठबंधन के साथ मजबूती से हूं."

केंद्र सरकार से की ये मांग

मुकेश सहनी ने केंद्र सरकार से मांग की कि निषाद समाज का आरक्षण लागू किया जाए. उन्होंने बताया कि वो समय-समय पर सरकार को चिट्ठी लिखते रहते हैं. उन्होंने कहा, "मेरा सपना निषाद समाज को आरक्षण दिलाना है."

Continues below advertisement

'सत्ता का दुरुपयोग कर बिहार में सरकार बनाई गई'

बिहार चुनाव के नतीजों पर उन्होंने कहा, "बिहार में 13 करोड़ की आबादी है. सभी ने मन बना लिया था कि बिहार में बदलाव लाना है. नीतीश कुमार 20 सालों में जैसे तैसे बिहार को चलाए थे. हाल के दिनों में देखें तो नीतीश कुमार की तबीयत भी ठीक नहीं रही. सरकार कहीं से नजर नहीं आ रही थी कि वापसी करेगी. सत्तापक्ष ने अपनी रणनीति बनाई जिसमें वो सफल रहे. आपके घर से पैसा चोरी करके आपको दे दिया गया. इसके कारण बिहार में सरकार बनी. चुनाव के समय खाते में 10-10 हजार रुपये दिए गए. 2 लाख 10 हजार रुपये का भरोसा दिलाया गया. इस वजह से बड़ी संख्या में महिलाओं ने एनडीए को वोट किया. सत्ता का दुरुपयोग कर बिहार में सरकार बनाई गई."

नीतीश कुमार को हटाने की पॉलिसी बनाई जा रही- मुकेश सहनी

Z बिहार झारखंड से बातचीत में उन्होंने कहा कि बिहार में नीतीश कुमार के नाम पर सरकार तो बन गई लेकिन ये पॉलिसी बनाई जा रही है कि कैसे उन्हें हटाया जाए. हम मजबूती से विपक्ष की भूमिका निभाएंगे. उन्होंने कहा कि चुनाव में दो ही चीजें होती हैं हार या जीत. हम पावर इसलिए चाहते हैं कि बदलाव हो, सत्ता में मजा के लिए नहीं आना चाहते. एक न एक दिन हम इतिहास रचेंगे. उन्होंने कहा कि हम 30 चुनाव भी हार जाएं लेकिन विचारधारा से समझौता नहीं करेंगे.