मोकामा के विधायक अनंत सिंह को जनता दल यूनाइटेड (JDU) से छह साल के लिए निष्कासित किए जाने पर केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी की प्रतिक्रिया सामने आई है. हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (HAM) के प्रमुख मांझी ने इसे पार्टी की सामान्य अनुशासनात्मक कार्रवाई बताया. उन्होंने कहा कि हर राजनीतिक दल में अनुशासन जरूरी है. पार्टी के सिद्धांतों के खिलाफ काम करने वालों पर कार्रवाई करने का अधिकार पार्टी नेतृत्व के पास होता है.
मांझी ने कहा कि किसी भी राजनीतिक दल को चलाने के लिए अनुशासन जरूरी है. यदि कोई नेता पार्टी के सिद्धांतों के खिलाफ काम करता है, तो पार्टी प्रमुख उसके खिलाफ कार्रवाई कर सकते हैं. उनके मुताबिक, जेडीयू ने अनंत सिंह के मामले में यही किया है. मांझी ने इस फैसले को असामान्य बताने से इनकार किया.
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NDA इसे राजनीतिक मुद्दा नहीं मानता
अनंत सिंह के निष्कासन से बिहार की राजनीति पर पड़ने वाले असर को लेकर मांझी ने कहा कि वह और एनडीए इसे राजनीतिक मुद्दा नहीं मानते. जब उनसे पूछा गया कि इस कार्रवाई का आगे क्या परिणाम होगा, तो उन्होंने कहा कि इसका असर क्या होगा, यह आने वाला समय बताएगा. उन्होंने फिलहाल इस मुद्दे पर कोई राजनीतिक आकलन करने से परहेज किया.
MLC चुनाव में विरोध करने का आरोप
जेडीयू ने हाल ही में अनंत सिंह और उनकी पत्नी नीलम देवी को छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित किया है. पार्टी की कार्रवाई के पीछे विधान परिषद चुनाव के दौरान पार्टी नेतृत्व के निर्देशों की अनदेखी करने का आरोप बताया गया है. आरोप है कि अनंत सिंह ने पार्टी के आधिकारिक उम्मीदवार के बजाय विपक्षी प्रत्याशी का प्रचार किया. साथ ही, वरिष्ठ नेताओं के खिलाफ अपमानजनक भाषा इस्तेमाल करने की बात भी सामने आई.
अनंत सिंह के अगले कदम पर नजर
निष्कासन के बाद अनंत सिंह ने कहा है कि जनता ही उनकी पार्टी है और जनता ही उनके लिए सबसे अहम है. अब सवाल है कि पार्टी से बाहर होने के बाद वह अपनी राजनीतिक रणनीति कैसे तय करेंगे. मोकामा में उनके प्रभाव और बिहार की राजनीति पर इस फैसले का कितना असर पड़ेगा, यह आने वाले समय में स्पष्ट होगा.
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