पटनाः इस्पात मंत्रालय की हिंदी सलाहकार समिति का पुनर्गठन किया गया है. इसमें कई नए चेहरों को शामिल किया गया है. यहां चौंकाने वाली बात सामने आई थी कि सूची में लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के अध्यक्ष चिराग पासवान (Chirag Paswan) का नाम भी शामिल है. हिंदी सलाहकार समिति में नए चेहरों में चिराग पासवान का नाम आते ही यह यह चर्चा होने लगी थी कि आखिर चिराग पासवान को जेडीयू (JDU) ने क्यों शामिल किया है. इसपर केंद्रीय इस्पात मंत्री आरसीपी सिंह (RCP Singh) ने एबीपी न्यूज से पीछे की पूरी कहानी बताई.


आरसीपी सिंह ने कहा कि भारत सरकार में जितने भी मिनिस्ट्री हैं उसमें हिंदी सलाहकार समिति होती है. उनका दायित्व ये होता है कि जो भी राजकीय कार्यकाल है उसमें हिंदी का सदउपयोग होना चाहिए वह हो रहा है या नहीं. इसका हेड मिनिस्टर होता है. राज्यमंत्री उपाध्यक्ष होते हैं. लोकसभा और राज्यसभा से ही नाम आता है और नोटिफाई किया जाता है. उसी तरह चिराग पासवान को हमारे यहां नोटिफाई किया गया और इसलिए वह इस्पात मंत्रालय की हिंदी सलाहकार समिति में हैं.


हिंदी सलाहकार समिति में ये सदस्य शामिल


इस्पात मंत्री हिंदी सलाहकार समिति के अध्यक्ष और इस्पात राज्य मंत्री उपाध्यक्ष हैं. इसमें बिहार के पांच लोग समिति के सदस्य बनाए गए हैं. समिति में संसदीय कार्य मंत्रालय द्वारा लोकसभा से नामित सांसद संजय सिंह और सुनील कुमार सोनी जबकि राज्यसभा से दिनेश चंद्र विमल भाई अनावाडिया और नरेश गुजराल को सदस्य बनाया गया है. वहीं, संसदीय राजभाषा समिति द्वारा नामित सांसद चिराग पासवान और दिनेश चंद्र यादव भी समिति के सदस्य होंगे.


केंद्रीय सचिवालय हिंदी परिषद के प्रतिनिधि के तौर पर गोपाल कृष्णा और महेश बंसीधर अग्रवाल भी इसके सदस्य बने हैं. वहीं, इसके अलावा इस्पात मंत्रालय द्वारा विधान पार्षद रामबचन राय पूर्व सांसद व रविंद्र रवि के पुत्र डॉ. अमरदीप और रिंकू कुमारी को भी मंत्रालय के हिंदी सलाहकार समिति का सदस्य नामित किया गया है.



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