केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान ने गुरुवार (5 नवंबर) को कहा कि जब तक वह जीवित हैं, तब तक न तो आरक्षण पर कोई आंच आने देंगे और न ही संविधान को कोई खतरा होने देंगे. उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी दल चुनाव के समय आरक्षण और संविधान के मुद्दे पर लोगों को गुमराह करने की कोशिश करते हैं.

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चिराग ने वाराणसी के जगतपुर इंटर कॉलेज में आयोजित ‘संकल्प महासभा’ को संबोधित करते हुए कहा, “जब तक चिराग पासवान जिंदा है, आरक्षण पर कोई आंच नहीं आएगी और न ही संविधान को कोई खतरा होगा.”

कांग्रेस-सपा पर साधा निशाना

उन्होंने कहा कि चुनाव आते ही विपक्षी दल लोगों के बीच यह भ्रम फैलाने लगते हैं कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की सरकार बनने पर आरक्षण समाप्त कर दिया जाएगा और संविधान खतरे में पड़ जाएगा. चिराग ने इसे जनता को गुमराह करने की कोशिश बताया. उन्होंने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए डॉ. भीमराव आंबेडकर के सम्मान और सामाजिक न्याय के मुद्दे पर दोनों दलों के राजनीतिक इतिहास पर सवाल उठाए.

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दिवंगत पिता का जिक्र कर क्या बोले?

केंद्रीय मंत्री ने अपने पिता और पूर्व केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान के योगदान का उल्लेख करते हुए कहा, “ उन्होंने (रामविलास पासवान ने) बिहार में सामाजिक और आर्थिक न्याय की लड़ाई लड़ी थी. उन्होंने मंडल आयोग की सिफारिशों, पिछड़े वर्गों के अधिकारों तथा अनुसूचित जातियों एवं अनुसूचित जनजातियों के हितों के लिए काम किया था.” चिराग ने कहा कि उनके पिता की इच्छा थी कि सामाजिक न्याय की यह लड़ाई उत्तर प्रदेश में भी मजबूत हो. उनके नहीं रहने के बाद एक बेटे के तौर पर उनके सपनों को पूरा करना उनकी जिम्मेदारी है. उन्होंने कहा कि वह इस आंदोलन को और मजबूती देना चाहते हैं. उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के युवा देश के निर्माण में अहम भूमिका निभा रहे हैं, लेकिन उन्हें जाति और धर्म के नाम पर बांटने की कोशिश की जाती है.

'मैं सिर पर कफन बांधकर निकल चुका हूं'

केंद्रीय मंत्री ने युवाओं से इन विभाजनों से ऊपर उठकर शिक्षा, रोजगार और प्रदेश के विकास पर ध्यान केंद्रित करने की अपील की. उन्होंने कहा कि बिहार में इसी तरह की सभाओं के जरिये पार्टी ने जनसमर्थन जुटाया है और अब इस अभियान को उत्तर प्रदेश में भी आगे बढ़ाया जाएगा. चिराग ने कहा, “उत्तर प्रदेश को विकसित राज्य बनाने के लिए मैं सिर पर कफन बांधकर निकल चुका हूं. मैंने संकल्प लिया है कि जब तक उत्तर प्रदेश को विकसित राज्य नहीं बना दूंगा, तब तक चैन से नहीं बैठूंगा.” उन्होंने कहा कि यह लक्ष्य अकेले हासिल नहीं किया जा सकता, इसके लिए बुजुर्गों का आशीर्वाद, माताओं-बहनों का प्यार और युवाओं का सहयोग जरूरी है.

एलजेपी (रामविलास) के अध्यक्ष ने गांव-गांव और समाज के हर वर्ग तक पहुंचने की अपील करते हुए कहा कि विकसित उत्तर प्रदेश का सपना सभी वर्गों की भागीदारी से ही पूरा हो सकता है.