बिहार के पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव ने शराबबंदी को लेकर बड़ा बयान दिया है. इस दौरान उन्होंने कहा कि बिहार में भ्रष्टाचार चरम पर है और नशा हर घर पहुंच गया है. पप्पू यादव ने एनसीएईआर की रिपोर्ट में 2016 में लागू हुई शराबबंदी विफल पाई गई है.
इस पर पप्पू यादव ने कहा, "बिहार में सफल क्या रहा है. पलायन सफल रहा? ड्रग्स घर-घर चला गया. अपराध से बस नेता और पदाधिकारी ही बच सकता है, क्योंकि आम आदमी तो भगवान भरोसे है. गरीबी पराकाष्टा पर चली गई है. सरकार का भ्रष्टाचार आज चरम पर है."
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सरकार पर लगाए भष्ट्राचार के आरोप
पप्पू यादव ने सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं. उन्होंने डस्टबिन घोटाले का जिक्र करते हुए कहा, "1 हजार का बॉक्स 15 हजार में नगर निगम द्वारा खरीदा गया है. अस्पताल से लेकर नगर निगम तक अरबों-खरबों रुपये लूटे गए हैं."
शराबबंदी को लेकर क्या बोले पप्पू यादव?
शराबबंदी को लेकर पप्पू यादव ने कहा, "शराबबंदी तो कभी सफल हुई ही नहीं. शराबबंदी के तरीके बदले जाते. उसका मूल्यांकन करते और फिर से कानून लाने की बात करते. 20-25 सालों में आपने तो कोई मूल्यांकन ही नहीं किया."
उन्होंने आगे कहा, "शराब की वजह से हम अर्थव्यवस्था से भी चरमरा गए. ड्रग्स भी घर-घर चला गया. शराब माफिया द्वारा नेता और अपराधी और खासकर सत्ताधारी पार्टी को बहुत सारा पैसा भी दिया गया."
राजनीति में बदलाव पर पप्पू यादव ने क्या कहा?
पप्पू यादव ने राजनीति में बदलाव को लेकर कहा, "जेन-जी, जेन-अल्फा और राजनीति का मूल्य बदल गया है. राजनीतिक पार्टी पर भरोसा खत्म हो गया है. अगर एक परसेंट नेता को छोड़ दें तो बिहार के 99 प्रतिशत नेताओं को आने वाला भविष्य देखना ही पसंद नहीं करता. ऐसे लोगों को बिहार भी नहीं सोचता है."
उन्होंने आगे कहा, "अगर इनको सीखना है तो राहुल गांधी और अखिलेश यादव से सीखें. लेकिन सीखने की कोई इच्छा ही नहीं है. उन्हें कुंभकर्ण की तरह गहरी नींद में रहना है. इसलिए, लोग अब राजनीतिक एजेंडों को स्वीकार नहीं करेंगे, और राजनीतिक एजेंडों का आम जनता से कोई लगाव भी नहीं होगा. इसलिए छोटी राजनीतिक पार्टियों की दुकान अब लगभग गई."
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