बिहार के सारण जिले के छपरा में उस वक्त हड़कंप मच गया जब एक घर में परिवार के 4 लोगों की मौत हो गई. बताया जा रहा है कि शुक्रवार (26 दिसंबर) देर रात घर में अंगीठी जलाकर पूरा परिवार सो रहा था, जिसमें 4 लोगों की दम घुटने से जान चली गई. बाकी के तीन सदस्यों की स्थिति गंभीर बनी हुई है. जानकारी के अनुसार मृतकों में तीन मासूम बच्चे और एक बुजुर्ग महिला शामिल है. ये घटना भगवान बाजार थाना क्षेत्र के अंबिका कॉलोनी, भारत मिलाप चौक के पास की है.

Continues below advertisement

घटना के संबंध में बताया जाता है कि मृतकों की पहचान 3 साल के तेजस, 4 साल के अध्याय, 7 महीने की गुड़िया कुमारी और 70 साल कमलावती देवी के रूप में किया गया है. जानकारी के मुताबिक तीनों बच्चे आपस में मौसेरे भाई-बहन थे और बुजुर्ग महिला उनकी नानी थी. बच्चे ठंड की छुट्टियों में नानी के घर आए थे.

तीन लोगों को पटना रेफर किया गया

वहीं दम घुटने से मामा अमित कुमार, मां अमीषा और अंजलि की हालत गंभीर है. उन्हें छपरा सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है. डॉक्टरों के अनुसार, उनकी हालत फिलहाल गंभीर है और पटना रेफर कर दिया गया है. तेजस और गुड़िया अंजलि के बच्चे थे. अंजलि की शादी वाराणसी में हुई है, उनके पति PCS अधिकारी हैं जबकि अध्याय अमीषा का बेटा था. घटना के बाद मोहल्ले में मातम पसरा हुआ है. 

Continues below advertisement

एक ही कमरे में सो रहे थे पूरे परिवार के सदस्य

घर के दूसरे सदस्यों ने जानकारी देते हुए बताया, ''ठंड ज्यादा होने के कारण परिवार के 7 लोग रात में एक ही कमरे में सोए हुए थे. ठंड से बचाव के लिए कमरे में अंगीठी (बोरसी) जलाई गई थी. देर रात तक अंगीठी जलती ही रह गई, जिससे कमरे में कार्बन मोनोऑक्साइड गैस फैल गई. बाद में धीरे-धीरे ऑक्सीजन का स्तर कम हो गई, गहरी नींद में होने के कारण किसी को इसका पता नहीं चल पाया.

कमरे में सोए 4 लोगों में नहीं हो रही थी कोई हलचल

बताया जा रहा है कि शनिवार सुबह जब परिवार के एक सदस्य को छटपटाहट महसूस हुई, तब उसने किसी तरह खुद को संभालते हुए कमरे का दरवाजा खोला और बाहर निकलने की कोशिश की. थोड़ी देर में होश आने पर जब उसने अन्य लोगों को जगाने की कोशिश की तो 4 लोगों में कोई हलचल नहीं हो रही थी, जिसके बाद आनन-फानन में सभी को सदर अस्पताल ले जाया गया. घटना के बाद डॉक्टरों ने सभी को मृत घोषित कर दिया.

नानी के घर आए थे बच्चे

परिजनों के मुताबिक, कमलावती देवी हाल ही में बनारस से पूजा करके अपने घर लौटी थीं. वो यहां बेटे अमित के साथ रहती थीं. पति का पहले ही देहांत हो चुका है. ठंड की छुट्टी में दोनों सगी बहनें अमीषा और अंजलि अपनी मां से मिलने छपरा आईं थी. घटना के वक्त मकान के ग्राउंड फ्लोर पर कलावती देवी के बड़े बेटे अपनी पत्नी-बच्चों के साथ सो रहे थे. वहीं, फर्स्ट फ्लोर पर कलावती देवी अपनी दोनों बेटियों, एक बेटे और 3 नातिन-नाती के साथ सो रही थीं.

सारण के डीएम ने क्या कहा?

इस घटना पर सारण के जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने बताया, ''इस घटना की जानकारी जैसे ही मिली, हम लोगों ने जिनकी स्थिति गंभीर थी उसे पटना रेफर करवाया है. हम लोग इससे बचाव के लिए पहल कर रहे हैं.

SSP ने क्या कहा?

सीनियर एसपी डॉ कुमार आशीष ने बताया, ''भगवान बाजार थाना क्षेत्र के भरत मिलाप चौक पर जो PCS के अधिकारी हैं उनके फैमिली में कुछ लोग आए हुए थे. घर में बंद होकर के हीटर और ब्लोअर के माध्यम से अंगीठी जला के आग तापते हुए सो गए थे, उनकी हालत खराब हो गई थी जिसमें 4 की मृत्यु हो चुकी है. 3 की हालत गंभीर बनी हुई हैं, जो सदर अस्पताल में भर्ती हैं और उन्हें बेहतर इलाज के लिए पटना रेफर किया गया है.''