बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) के परीक्षा नियंत्रक राजेश कुमार सिंह के विवादित बयान के बाद इस पर सियासत शुरू हो गई है. आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने इस पर प्रतिक्रिया दी है. सोमवार (24 अगस्त) को उन्होंने अपने एक्स हैंडल से पोस्ट किया और बीपीएससी के परीक्षा नियंत्रक पर अनुशासनात्मक कार्रवाई करने की मांग की.

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रोहिणी ने कहा कि बिहार लोक सेवा आयोग के एक अधिकारी ने छात्रों को "कुत्ता" कहकर संबोधित किया है. लोकतंत्र में जनसेवक की भूमिका निभा रहे अधिकारियों का अभ्यर्थियों, युवा व छात्रों के प्रति अमर्यादित भाषा का प्रयोग करना अत्यंत चिंताजनक और निंदनीय है.

रोहिणी आचार्य ने एक्स पोस्ट में लिखा है, "सरकारी पदों पर बैठे अधिकारियों से संयम और संवेदनशीलता की अपेक्षा होती है. युवा अभ्यर्थियों को, जो स्वयं राष्ट्र निर्माण का भविष्य हैं, अपशब्द कहना न केवल उनके स्वाभिमान पर चोट है, बल्कि प्रशासनिक गरिमा का भी खुला उल्लंघन है."

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'ऐसे मामलों में खेद व्यक्त करना काफी नहीं'

बीपीएससी अधिकारी के बयान पर भड़कीं रोहिणी ने कहा कि छात्र अपनी मांगों, परीक्षाओं की अनिश्चितता और पारदर्शी चयन प्रक्रिया के लिए संघर्ष कर रहे हैं. ऐसे में उनकी समस्याओं को सुनने और उनका समाधान निकालने के बजाय उन्हें 'कुत्ता' कहकर अपमानित करना बिहार लोक सेवा आयोग के अधिकारी की संवेदनहीनता और अहंकार को दर्शाता है. ऐसे मामलों में केवल बयान पर खेद व्यक्त करना काफी नहीं है. प्रशासनिक मानकों को बनाए रखने के लिए जवाबदेही तय होनी चाहिए और उचित अनुशासनात्मक कार्रवाई की जानी चाहिए.

उन्होंने कहा कि इस प्रकार अपशब्द का प्रयोग युवाओं के मनोबल को तोड़ता है और पूरी प्रशासनिक व्यवस्था की साख पर प्रश्नचिह्न खड़े करता है. लोकतंत्र में युवा और छात्र 'याचक' नहीं, बल्कि व्यवस्था का मूल आधार हैं. अधिकारियों को यह याद रखना चाहिए कि पद के साथ उद्दंडता नहीं बल्कि सेवा और शिष्टाचार की जिम्मेदारी आवश्यक है.

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