पटना में शुक्रवार को एमएलसी फ्लैट परिसर में घुसकर वित्त रहित शिक्षकों ने जोरदार धरना प्रदर्शन किया. हाथों में बैनर पोस्टर लेकर बिहार के कोने कोने से शिक्षक भारी संख्या में यहां पहुंचे हैं. बिहार सरकार को लेकर इनमें भारी आक्रोश है.

चुनावी वर्ष में सरकार को दी चेतावनी 

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि अगर हम लोगों की मांग नहीं सुनी गई तो आगामी विधानसभा चुनाव में एनडीए को हम लोग सबक सिखा देंगे. लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर हमलोग धरना दे रहे हैं, लेकिन हम लोगों की कोई सुन नहीं रहा है. चुनावी वर्ष में हम लोगों की अनदेखी नहीं की जा सकती है.

धरना दे रहे वित्त रहित शिक्षकों का कहना है कि सूबे की शिक्षा नीति एक कलंक बनकर रह गई है. आखिर शिक्षकों को और कितनी परेशानी झेलनी पड़ेगी. कितनी दिक्कतों का सामना हम लोगों को करना पड़ेगा? बिहार के 60 फीसदी बच्चों को हम लोग पढ़ाते हैं. अनुदान शब्द हम शिक्षकों की प्रतिष्ठा को धूमिल करता है. 10 साल से अनुदान बकाया है. बकाया अनुदान राशि जल्द से जल्द मुख्यमंत्री नीतीश कुमार दें. उसके बाद अनुदान का सिस्टम खत्म करके वेतन हम लोगों को दिया जाए.

स्थाई वेतनमान की मांग को लेकर किया प्रदर्शन

शिक्षकों ने कहा कि अनुदान के बदले वेतन की मांग हमारी है. अनुदान के बदले स्थाई वेतनमान चाहते हैं. पेंशन की व्यवस्था रिटायर्ड शिक्षकों के लिए की जाए. हम लोगों को सरकारी कर्मचारी का दर्जा दिया जाए. हमारी मांग है कि वित्त रहित शिक्षा नीति को खत्म कर हमें सरकारी कर्मचारी घोषित किया जाए. बता दें चुनावी वर्ष में आए दिन अलग अलग संगठनों के द्वारा पटना में विभिन्न मांगों को लेकर प्रदर्शन किया जा रहा है. आज वित्त रहित शिक्षक प्रोटेस्ट कर रहे हैं.

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