बिहार की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की चर्चाओं के बीच राज्य में नई सरकार के गठन को लेकर राजनीतिक गलियारों में मंथन शुरू होने की संभावना जताई जा रही है. सूत्रों के मुताबिक अगर नीतीश कुमार राज्यसभा जाते हैं तो बिहार में भाजपा का मुख्यमंत्री बनाया जा सकता है, जबकि जदयू से दो उपमुख्यमंत्री बनाए जाने का फॉर्मूला भी चर्चा में है.

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अमित शाह कर सकते हैं अहम बैठक

सूत्रों के अनुसार, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह जल्द ही नीतीश कुमार और एनडीए के अन्य नेताओं के साथ बैठक कर सकते हैं. इस बैठक में बिहार में संभावित नई सरकार के गठन और उसके फॉर्मूले पर चर्चा होने की संभावना है. हालांकि अभी तक इस संबंध में आधिकारिक तौर पर कुछ भी घोषित नहीं किया गया है, लेकिन राजनीतिक हलकों में इसे लेकर कयास तेज हो गए हैं.

बिहार में राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन की अंतिम तिथि 5 मार्च तय की गई है. इसी दिन कई बड़े नेता अपना नामांकन दाखिल करने वाले हैं. जानकारी के अनुसार जदयू की ओर से नीतीश कुमार और रामनाथ ठाकुर सुबह करीब 11 बजे विधानसभा पहुंचकर नामांकन दाखिल कर सकते हैं. हालांकि पार्टी की ओर से उम्मीदवारों की सूची अभी औपचारिक रूप से जारी नहीं की गई है.

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बीजेपी और एनडीए के अन्य उम्मीदवार भी मैदान में

भाजपा की ओर से राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और शिवेश राम राज्यसभा के लिए नामांकन दाखिल करेंगे. वहीं राष्ट्रीय लोक मोर्चा के प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा भी एनडीए उम्मीदवार के तौर पर मैदान में उतरने वाले हैं. विपक्ष की ओर से राष्ट्रीय जनता दल के एडी सिंह राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करेंगे. उनका मौजूदा कार्यकाल समाप्त हो रहा है.

विधानसभा में मीडिया की एंट्री पर रोक

राज्यसभा नामांकन के दौरान बिहार विधानसभा परिसर में मीडिया की एंट्री पर रोक लगा दी गई है. प्रशासन की ओर से जारी सूचना के मुताबिक मीडिया प्रतिनिधियों को केवल गेट नंबर 10 के बाहर से ही कवरेज करने की अनुमति दी गई है. विधानसभा परिसर के अंदर किसी भी गेट से प्रवेश की अनुमति नहीं होगी. इसके लिए बाकायदा आधिकारिक सूचना भी जारी की गई है.

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि राज्यसभा नामांकन के साथ ही बिहार की राजनीति में आने वाले दिनों में कई बड़े फैसले सामने आ सकते हैं. फिलहाल सभी की नजरें एनडीए की संभावित बैठकों पर टिकी हुई हैं.