पटना: बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री और बीजेपी से राज्यसभा सदस्य सुशील कुमार मोदी (Sushil Kumar Modi) ने मंगलवार को कहा कि आरजेडी (RJD) के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शिवानंद तिवारी (RJD Shivanand Tiwari) ने कम से कम यह स्वीकार तो किया कि ललन सिंह (JDU Lalan Singh) के साथ मिलकर लालू यादव के 'नौकरी के बदले जमीन' घोटाले का उन्होंने ही पर्दाफाश किया था. उन्होंने तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से मिलकर सीबीआई जांच की मांग की थी. आज अगर लालू यादव की दुर्दशा है तो वही लोग जिम्मेदार हैं जिन्होंने पहले मुकदमा दायर किया. ज्ञापन दिया और अब राजनीतिक लाभ के लिए उनके सामने दुम हिला रहे हैं.


सुशील कुमार मोदी ने कहा कि उन्होंने पहले यह भी स्वीकार किया था कि उनकी पीआईएल पर ही पटना हाईकोर्ट ने चारा घोटाले की सीबीआई जांच का आदेश दिया था जिसके पांच मामलों में लालू यादव को सजा हो चुकी है. जहां तक 14 साल विलंब से कार्रवाई का सवाल है, तो उस समय आरजेडी के समर्थन से मनमोहन सिंह की सरकार चल रही थी. प्रधानमंत्री की हिम्मत नहीं थी कि सहयोगी दल के नेता पर कार्रवाई करते. उन्होंने ज्ञापन को ठंडे बस्ते में ही नहीं डाला बल्कि लालू के लोगों ने ज्ञापन को ही फाइल से हटवा दिया.


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'अब कभी आरजेडी-जेडीयू की दोस्ती नहीं'


सुशील मोदी ने कहा कि शिवानंद तिवारी भूल गए कि मामला भले ही 14 वर्ष पुराना हो परंतु 2017 में जब मैंने 'नौकरी के बदले जमीन' सहित दर्जनों लालू परिवार (Lalu Family) के भ्रष्टाचार को सबूतों के साथ उजागर किया था तो आप की सरकार चली गई थी. सीबीआई ने प्रारंभिक जांच (Preliminary Inquiry) का मामला तो सितंबर 2021 में ही दर्ज कर लिया था. गलतफहमी दूर कर लें अब कभी आरजेडी-जेडीयू की दोस्ती नहीं हो सकती है.


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