बिहार की पूर्व सीएम राबड़ी देवी और पूर्व सीएम लालू यादव की सुरक्षा में कटौती के बाद सियासी घमासान मचा हुआ है. अब लालू-राबड़ी और विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने अपने सुरक्षा कर्मचारियों को वापस भेज दिया है और तीनों नेताओं ने अपने आधिकारिक सुरक्षा को पूरी तरह त्यागने का फैसला लिया है. इसी बीच अब लालू-राबड़ी और तेजस्वी की सुरक्षा में राजद कार्यकर्ता उतर आए हैं.

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राबड़ी देवी के 10, सर्कुलर रोड, पटना स्थित आवास के बाहर अब राजद कार्यकर्ताओं ने सुरक्षा की जिम्मेदारी संभाल ली है. बड़ी संख्या में कार्यकर्ता हाथों में लाठी लेकर और माथे पर हरा गमछा बांधकर आवास की सुरक्षा कर रहे हैं. कार्यकर्ता लगातार नारेबाजी भी कर रहे हैं. 

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मंगनी लाल मंडल का बयान

राजद नेता मंगनी लाल मंडल ने कहा कि सुरक्षा की समीक्षा का पैरामीटर होता है, लेकिन कटौती इस हद तक नहीं होनी चाहिए कि उससे किसी नेता का अपमान हो. उन्होंने कहा कि सरकार ने जो कदम उठाया है, वह राजनीतिक बदले की भावना से प्रेरित लगता है. विधायकों और सांसदों द्वारा सुरक्षा त्यागने के सवाल पर मंडल ने कहा कि इस मुद्दे पर पार्टी आगे विचार कर फैसला लेगी.

हाल ही में सरकार ने लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी की Z+ सुरक्षा वापस ले ली थी. इसके बाद राबड़ी देवी ने अपने आधिकारिक आवास से बचे हुए सुरक्षाकर्मियों को भी वापस कर दिया. तेजस्वी यादव की Y+ सुरक्षा हालांकि बरकरार रखी गई है. राजद इस पूरे मामले को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और भाजपा पर राजनीतिक प्रतिशोध के रूप में देख रही है. पार्टी का कहना है कि जनता ही उनके परिवार की सबसे बड़ी सुरक्षा है.

इस घटना से राजनीतिक गलियारों में तीखी बहस छिड़ गई है. विपक्ष इसे लोकतंत्र पर हमला बता रहा है, जबकि सरकार का पक्ष है कि सुरक्षा की समीक्षा नियमित प्रक्रिया है और खतरे के आकलन के आधार पर निर्णय लिया गया है.

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