पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में रहने वाली नीट की छात्रा की मौत कैसे हुई यह एक बड़ा सवाल बना हुआ है. पीएमसीएच की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कहा गया था कि यौन हिंसा से इनकार नहीं किया जा सकता. इसके बाद सेकेंड ओपिनियन लेने के लिए पटना एम्स की रिपोर्ट का इंतजार हो रहा है. इसी बीच मामले में एसआईटी की जांच आगे बढ़ रही है. सूत्रों के अनुसार, एसआईटी ने अब तक चार लोगों को हिरासत में लिया है जिनसे पूछताछ की जा रही है.

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एफएसएल की टीम घटनास्थल पर जाकर जांच कर चुकी है. वहां से जरूरी सैंपल लिए गए हैं. हत्या, बल प्रयोग और उत्पीड़न सहित सभी एंगल पर तफ्तीश की जा रही है. मृतका के माता-पिता, हॉस्टल स्टाफ, साथ रहने वाली छात्राओं और अन्य संदिग्धों से पूछताछ जारी है. मोबाइल लोकेशन, डेटा खंगाला गया है. कई दस्तावेज जब्त किए हैं. प्रभात मेमोरियल हॉस्पिटल में छात्रा के इलाज से जुड़ी रिपोर्ट खंगाले गए हैं.

दूसरी ओर छात्रा के मोबाइल की गूगल सर्च हिस्ट्री में आत्महत्या एवं नींद की दवा के संबंध में क्या कुछ सर्च किया गया था इसकी जांच भी चल रही है. एसआईटी गर्ल्स हॉस्टल में लगे सीसीटीवी फुटेज भी देख चुकी है. अब देखना होगा कि कब तक इस मामले में एसआईटी अपनी रिपोर्ट सौंपती है.

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जहानाबाद भी जाकर जांच कर चुकी है एसआईटी

छात्रा जहानाबाद की रहने वाली थी. इस घटना का क्या जहानाबाद से भी कोई कनेक्शन है इसकी भी पड़ताल चल रही है. एसआईटी जहानाबाद भी जा चुकी है. एसआईटी की नजर छात्रा के फोन के डेटा के साथ-साथ व्हाट्सएप चैटिंग पर भी है. इससे सुराग मिलने की उम्मीद है. 

वहीं पुलिस उन सभी संदिग्ध नंबरों की सूची तैयार कर रही है जिनसे छात्रा की अक्सर बातचीत होती थी. पुलिस हॉस्टल संचालक मनीष रंजन उर्फ मनीष चंद्रवंशी के करीबियों, वार्डेन और अन्य कर्मचारियों के मोबाइल रिकॉर्ड खंगाल रही है.

बता दें कि छात्रा छह जनवरी को अपने हॉस्टल के कमरे में बेहोशी की अवस्था में पाई गई थी. सबसे पहले उसको सहज सर्जरी क्लिनिक ले जाया गया था. यहां से प्रभात मेमोरियल हॉस्पिटल ले जाया गया था. तीन दिन तक यहां रही. हालत में सुधार नहीं होने के बाद उसको मेदांता भेजा गया था जहां 11 तारीख को उसकी मौत हो गई.

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