पटना में हुई नीट छात्रा की मौत मामले में एसआईटी जांच कर रही है. इस बीच सियासी गलियारे में बयानबाजी भी जारी है. आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य लगातार जांच और कार्रवाई को लेकर सवाल उठा रही हैं. मंगलवार (20 जनवरी, 2026) को उन्होंने एक बार फिर दिशाहीन जांच और भटकाने की कोशिश का आरोप लगाया. 

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'पोस्टमार्टम रिपोर्ट से सब कुछ स्पष्ट, फिर भी...'

रोहिणी आचार्य अपने एक्स पोस्ट में लिखती हैं, "बिहार के लोगों में ये आम धारणा कायम हो रही है कि शंभू गर्ल्स हॉस्टल कांड में अगर किसी ने पुलिसिया जांच से कोई उम्मीद लगा रखी है, तो वो मुगालते में जी रहा है. ऐसी धारणा कायम होने की वाजिब वजहें भी हैं. घटना घटित हुए लगभग एक पखवाड़े का समय होने जा रहा है. उपलब्ध साक्ष्यों व उजागर पोस्टमार्टम रिपोर्ट से लगभग सब कुछ स्पष्ट है, फिर भी पुलिस के द्वारा पुलिसिया जांच की आड़ में रोज एक नई भटकाने, भ्रम पैदा करने वाली थ्योरी सामने रखी जा रही है." 

'गृह मंत्री दे रहे घिसा-पिटा जवाब'

रोहिणी ने कहा, "हॉस्टल संचालकों, सहज सर्जरी नर्सिंग होम, प्रभात मेमोरियल हॉस्पिटल, प्रभात हॉस्पिटल के डॉक्टर सतीश, चित्रगुप्त नगर थाने की महिला पुलिस अधिकारी, पटना के वरीय पुलिस अधीक्षक पर किसी भी प्रकार कोई पुख्ता कार्रवाई अभी तक नहीं हुई है. मुख्य आरोपियों की अब तक नहीं हुई गिरफ्तारी के सवाल पर भी सरकार के द्वारा गठित एसआईटी मौन है. बिहार के माननीय मुख्यमंत्री मौन हैं. गृह मंत्री घिसा-पिटा जवाब देकर औपचारिकता पूरी करते दिख रहे हैं."

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उन्होंने कहा, "ऐसा प्रतीत होता है कि बिहार सरकार व पुलिस जांच की दिशा को लंबा खींच व भटका कर मामले को ठंडा करने की कोशिश के साथ मामले की लीपापोती करने वाले आरोपियों एवं अभियुक्तों को किसी बड़े दबाव की वजह से बचाना चाह रही है."

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