बिहार में लौरिया थाना क्षेत्र के दुबौलिया गांव में शनिवार (3 जनवरी) को भूमि सीमांकन और आंशिक बेदखली की कार्रवाई के दौरान हालात बेकाबू हो गए. न्यायालय के आदेश के अनुपालन में दंडाधिकारी के नेतृत्व में पहुंची प्रशासनिक और पुलिस टीम पर असामाजिक तत्वों ने हमला कर दिया.

Continues below advertisement

जानकारी के अनुसार, इस घटना में अंचल अधिकारी समेत कई पुलिसकर्मी घायल हो गए. जबकि मौके पर आगजनी की भी घटना सामने आई है.

क्या है पूरा मामला?

जानकारी के अनुसार, बीएलडीआर बाद संख्या 109/25-26 (मनोज कुमार जयसवाल बनाम बंसराज राम) में भूमि सुधार उप समाहारता नरकटियागंज के न्यायालय से पारित आदेश के तहत अंचल अधिकारी लौरिया दंडाधिकारी के रूप में पुलिस बल के साथ भूमि का सीमांकन एवं आंशिक बेदखली का दखल कब्जा दिलाने पहुंचे थे. इसी दौरान बंसराज राम के पक्ष के लोगों ने कार्रवाई का विरोध शुरू कर दिया. आरोप है कि विरोध के दौरान सरकारी कार्य में बाधा डालते हुए दंडाधिकारी और पुलिस बल के साथ धक्का-मुक्की और मारपीट की गई. इस हमले में अंचल अधिकारी लौरिया सहित पुलिस पदाधिकारी और जवान घायल हो गए.

Continues below advertisement

घटना के बाद 14 महिला और पुरुष गिरफ्तार

इतना ही नहीं, आरोपियों ने उक्त भूमि पर बनी झोपड़ी में आग भी लगा दी, जिससे स्थिति और तनावपूर्ण हो गई. घटना के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मौके से कुल 14 महिला एवं पुरुषों को गिरफ्तार किया. गिरफ्तार आरोपियों में मुख्य नाम बंसराज राम (पिता-स्व.खेनर राम, निवासी दुबौलिया, थाना लौरिया) का है.

अंचल अधिकारी लौरिया के बयान के आधार पर बंसराज राम समेत अन्य के खिलाफ मामला दर्ज कर विधिक कार्रवाई की जा रही है. प्रशासन के अनुसार, फिलहाल गांव में शांति बनी हुई है और विधि-व्यवस्था की स्थिति सामान्य है. इलाके में पुलिस की निगरानी जारी, भारी पुलिस बल तैनात किए गए है.

ये भी पढ़िए-पटना: RJD की महिला नेताओं का मार्च, उत्तराखंड की मंत्री रेखा आर्या के पति के बयान के खिलाफ प्रदर्शन