CM Nitish Kumar: बिहार में नीतीश सरकार के मंत्रिमंडल का विस्तार बुधवार को हो गया. बीजेपी के सात विधायकों ने मंत्री पद की शपथ ली. ये सभी बीजेपी कोटे से मंत्री बने हैं. शपथ ग्रहण समारोह में कृष्ण कुमार मंटू, विजय मंडल, राजू सिंह, संजय सरावगी, जीवेश मिश्रा, सुनील कुमार और मोतीलाल प्रसाद ने मंत्री पद की शपथ ली. मंत्रिमंडल विस्तार के बाद बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने सभी मंत्रियों को बधाई दी है. नीतीश कुमार ने कहा, "सात मंत्री हुए हैं. सबको बधाई है."
नीतीश कैबिनेट में अब 36 मंत्री
बिहार में नीतीश कुमार की अगुवाई वाली सरकार के मंत्रिमंडल का विस्तार हुआ. राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने राजभवन में नए मंत्रियों को शपथ दिलाई. इससे पहले नीतीश कैबिनेट में कुल 29 मंत्री थे. विस्तार के बाद कुल मंत्रियों की संख्या 36 हो गई है. चुनाव है इसलिए मंत्रिमंडल विस्तार में जातीय समीकरण का पूरा ख्याल रखा जाएगा. बीजेपी कोटे से 7 मंत्री कैबिनेट में शामिल हुए हैं.
अभी बिहार उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा के पास तीन-तीन विभाग हैं. संतोष कुमार सुमन की बात की जाए तो उनके पास भी तीन विभाग है. मंगल पांडेय, नीतीश मिश्रा, विजय कुमार चौधरी, बिजेंद्र प्रसाद यादव, सम्राट चौधरी, नितिन नवीन और प्रेम कुमार के पास 2-2 विभाग है. बिहार में इस साल (2025) विधानसभा का चुनाव है तो माना जा रहा है कि इस नजरिए से भी कैबिनेट के विस्तार में पूरा ख्याल रखा जाएगा.
इस मंत्रिमंडल विस्तार के जरिए बीजेपी ने आगामी विधानसभा चुनाव में अपनी स्थिति मजबूत करने की कोशिश की है. खास तौर पर मिथिला क्षेत्र से दो विधायकों को मंत्री बनाकर बीजेपी इस क्षेत्र की करीब 50 सीटों पर अपनी पकड़ मजबूत करना चाहती है. यह रणनीतिक कदम बीजेपी के लिए चुनाव में फायदेमंद साबित हो सकता है.
चुनाव के मद्देनजर साधा गया जतीय समीकरण
नीतीश सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार में दरभंगा के नगर विधायक संजय सरावगी ने मंत्री पद की शपथ ली. संजय सरावगी का जन्म 1969 में हुआ था, उन्होंने मिथिला विश्वविद्यालय से एमए (मास्टर) तक की पढ़ाई की है. संजय के राजनीतिक जीवन की शुरुआत अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) से हुई थी. 2010 में दरभंगा से अपने निकटतम प्रतिद्वंदी राजद उम्मीदवार को 26,000 मतों के अंतर से हराकर दरभंगा के नगर विधायक बने. तब से वह लगातार विधायक हैं.
बिहारशरीफ विधायक डॉ. सुनील कुमार एक अनुभवी भार बीजेपी का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं. उन्होंने राजद नेता सैयद नौशादुन्नबी उर्फ पप्पू खान को हराकर अपना पहला विधानसभा चुनाव जीता था.
सीमांचल के सिकटी से बीजेपी विधायक विजय कुमार मंडल को मंत्री बनाकर अति पिछड़ा वोट बैंक में सेंध लगाने की कोशिश की गई है. विजय कुमार मंडल केवट जाति से आते हैं और सीमांचल में इस जाति समेत अति पिछड़ों का बड़ा वोट बैंक है.
वहीं विधायक राजू सिंह की गिनती मुजफ्फरपुर गिनती बिहार के रसूखदार सियासतदार के साथ ही उद्योग और व्यवसाय जगत के बड़े लोगों में की जाती है. व्यवसायी से उद्योगपति और फिर राजनीति में राजू सिंह ने 2005 में राजनीति में एंट्री ली थी और वे पहली बार लोजपा की टिकट पर साहेबगंज से विधायक चुने गए थे. अब बीजेपी के विधायक हैं और मंत्री बनाए गए हैं.
ये भी पढ़ेंः Bihar Stampede: रोहतास के गोडेला मंदिर के पास करंट लगने से अफरा-तफरी, भगदड़ में कई लोग घयाल
