बांकीपुर जो बीजेपी का गढ़ माना जाता है वहां उपचुनाव में पार्टी ने बेहद खराब प्रदर्शन किया है. बीजेपी के नीरज सिन्हा को उनता भी वोट नहीं मिल सका जितने के मार्जिन से 2025 में नितिन नवीन जीते थे. यानी नीरज सिन्हा को 50 हजार वोट भी नहीं मिल पाया. सबसे बड़ा सवाल है कि आखिर अपने ही गढ़ में बीजेपी ऐसे कैसे हार गई? नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू की ओर से इसका कारण बताया गया है.

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मंगलवार (04 अगस्त, 2026) को जेडीयू सांसद कौशलेंद्र कुमार ने इस पर प्रतिक्रिया दी. इस हार का कारण उन्हें लगता है कि उपचुनाव से पहले समीक्षा नहीं की गई. युवाओं के लिए काम नहीं किया गया. हालांकि उन्होंने यह भी माना कि हमेशा हार नहीं होती रहेगी.

'थोड़ी और मेहनत की जरूरत है'

कौशलेंद्र कुमार ने कहा, "देखिए जो परिस्थिति थी बिहार में, उपचुनाव था, थोड़ी और मेहनत करने की जरूरत है. NDA गठबंधन के सभी नेता से मेरा अनुरोध है कि इसकी समीक्षा होनी चाहिए. बांकीपुर सीट से भाजपा के लगातार लोग विधायक रहे हैं. नितिन नवीन जी भी रहे हैं. यह जो उपचुनाव हुआ और जो जनता ने जनादेश दिया तो इसकी समीक्षा होनी चाहिए."

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'बांकीपुर सीट अगर हमलोग हार जाएं तो…'

जेडीयू सांसद ने कहा कि आज जो देश में परिस्थिति है, युवा लगातार जूझ रहे हैं, तो उनके लिए कुछ काम होना चाहिए. उन्होंने कहा कि बांकीपुर सीट अगर हमलोग हार जाएं तो आने वाला कल जो है लोकसभा का चुनाव है तो उसके पहले इसकी तैयारी होनी चाहिए. अगर समीक्षा होती रहती तो ये उपचुनाव हारने का प्रश्न ही नहीं था. ऐसा नहीं है कि हारे तो हमेशा हारते रहेंगे. 

यह जनता की जीत: कौशलेंद्र कुमार

उन्होंने कहा, "यह जो हार हुई है, यह जनता की जीत हुई है, जनता ने हमलोग का साथ छोड़ा है कि एक बार हम सबक सिखाएंगे, एक विधायक नहीं भी रहेगा तो सरकार नहीं गिरेगी. जो युवा हैं उन्होंने गड़बड़ किया है तो उनके लिए विचार करना चाहिए." 

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