बाहुबली नेता आनंद मोहन ने बिना नाम लिए जेडीयू के बड़े नेताओं पर फिर हमला बोला है. उन्होंने कहा कि लोग कहते हैं कि गन प्वाइंट पर नीतीश कुमार से सीएम पद से इस्तीफा लिया गया. चुनाव के वक्त नारा दिया था कि 25 से 30 फिर से नीतीश, लेकिन चुनाव जीतने के बाद बीच में ऐसी क्या परिस्थितियां हो गयी कि उन्हें सत्ता से बेदखल कर दिया गया.

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उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति मुख्यमंत्री रहते हुए सीएम आवास से जनता दरबार लगाता था, आज कुछ चिरकुट नेताओं ने उन्हें दरबारी बना दिया है. आज बेइमानों ने नीतीश कुमार की वो स्थिति बना कर रख दी है कि अब हर सुबह उन्हें किसी ना किसी चिरकुट नेता के यहां पहुंचा दिया जा रहा है.

बेईमानों ने नीतीश के विकास पर पानी फेर दिया-आनंद मोहन

आनंद मोहन यहीं नहीं रुके, उन्होंने कहा कि चाटुकार, बेईमानों ने नीतीश के विकास पर पानी फेर दिया. एनडीए कमजोर हो गया है. आज चुनाव हो जाए तो एनडीए चारों खाने चित हो जाएगा. हम डरने वाले और चुप रहने वाले नहीं हैं. हमको छेड़ नहीं सकते हो. छेड़ने की कोशिश भी मत करना. राजपूत विश्वासघाती नहीं होता. IB रिपोर्ट करती है कि छेड़ोगे तो एक नया समीकरण बिहार में बनेगा.''

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हमें कभी सत्ता का लोभ नहीं रहा- आनंद मोहन

पूर्व सांसद ने कहा, ''लोग कहते हैं कि हम इसलिए बयानबाजी कर रहे हैं क्योंकि मेरे बेटे को मंत्री नहीं बनाया गया. अरे भाई मंत्रिमंडल विस्तार के एक महीने पहले से हम बोल रहे थे कि जिस तरह नीतीश कुमार को सीएम पद से हटाया गया उससे पूरे देश के लोग हक्का बक्का हैं. हमें कभी सत्ता का लोभ नहीं रहा. नीतीश कुमार हमारे नेता रहे हैं और हमने उनके नेतृत्व में सुशासन की सरकार बनाने में अपना योगदान दिया था.''

JDU के बड़े नेताओं पर क्यों हमलावर हैं आनंद मोहन?

मुजफ्फरपुर में रविवार (07 जून) को एक कार्यक्रम को संबोधित करने के दौरान उन्होंने ये बातें कहीं. बता दें कि आनंद मोहन नीतीश कुमार के करीबी हैं. राजपूत समाज के बड़े नेता हैं. उनकी पत्नी लवली आनंद जदयू की सांसद हैं. बेटे चेतन आनंद जदयू के विधायक हैं. हालांकि कुछ समय से आनंद मोहन JDU के प्रमुख नेताओं पर हमलावर हैं. चर्चा इस बात की है कि उनके बेटे को मंत्री नहीं बनाया गया इसलिए वह नाराज हैं. लेकिन उन्होंने साफ किया है कि इस कारण से नाराजगी नहीं है.

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