जेडीयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने बड़ा दावा किया है. उन्होंने विपक्षी पार्टियों को घेरते हुए इंडिया अलायंस में टूट के लिए अरविंद केजरीवाल और ममता बनर्जी को जिम्मेदार ठहराया है. उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार सभी को एक प्लेटफॉर्म पर लेकर आए थे लेकिन इलेक्शन में जाने को लेकर जब इसके सहयोगी दलों के बीच एकजुटता नहीं दिखी और ना ही कोई विजन दिखा तो अलग होने का फैसला किया. जब उनसे पूछा गया कि इंडिया ब्लॉक की पहली बैठक पटना में नीतीश कुमार जी के घर में 2023 में हुई थी. कुछ समय बाद वो बाहर क्यों हो गए? इस पर जेडीयू नेता संजय झा ने कहा, ''दो आदमी ने इस इंडिया अलायंस को खत्म कर दिया. उनका नाम ममता बनर्जी और अरविंद केजरीवाल है.
'राजनीति में वो लोग आज कहां पर हैं, ये सभी के सामने'
उन्होंने आगे कहा, 'इंडिया ब्लॉक में एक सहमति बन गई थी. मैं ये नहीं कह रहा हूं कि नीतीश कुमार कोई प्रधानमंत्री पद के लिए उम्मीदवार प्रोजेक्ट हो गए थे. एक सहमति बन गई थी लेकिन मीटिंग में इन दोनों ने कहा था कि एक दलित कन्वीनर होना चाहिए. मल्लिकार्जुन खड़गे साहब को होना चाहिए. ये बोलकर उन्होंने कांग्रेस को भी बैकफुट पर डाल दिया. राजनीति में वो लोग आज कहां पर हैं, ये सभी के सामने है.''
नीतीश कुमार सभी को एक प्लेटफॉर्म पर लेकर आए थे- संजय झा
इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में संजय झा ने कहा, ''नीतीश कुमार जी को कन्वीनर बनना था, ये बात बिल्कुल नहीं थी. इस अलायंस को लेकर उनकी अपनी एक क्रेडविलिटी थी. वो हर जगह घूम रहे थे, दूसरे नेताओं से बात कर रहे थे. सभी को एक प्लेटफॉर्म पर लेकर आए. लेकिन मीटिंग में उस तरह की बात बोलने से कांग्रेस बैकफुट पर चली गई.''
'ममता बनर्जी और केजरीवाल ने इंडिया अलायंस को खत्म किया'
उन्होंने ये भी कहा, ''हमलोगों ने फिर देखा कि इस अलायंस में कहीं कोई प्लान नहीं है कि हम किस तरह से इनेक्शन में जाएंगे. कहीं कोई एकजुटता नहीं थी. हमलोग रीजनल पार्टियों को लगा कि कांग्रेस तो कहीं दो-चार स्टेट में अपनी राजनीति करती रहती है, उसे तो बहुत ज्यादा फर्क नहीं पड़ता है. मुझे व्यक्तिगत तौर से लगता है कि ममता बनर्जी और अरविंद केजरीवाल ने इंडिया अलायंस को खत्म कर दिया.''
NDA के साथ JDU ने क्यों गठबंधन किया?
जब उनसे पूछा गया कि इंडिया अलायंस बीजेपी के खिलाफ बना था लेकिन बाद में जेडीयू ने एनडीए के साथ क्यों गठबंधन किया. इस सवाल पर संजय झा ने कहा, ''बिहार में आपको किसी न किसी अलायंस में काम करना ही पड़ेगा. यह सच है कि इंडिया अलायंस बनाने में नीतीश कुमार जी की अहम भूमिका थी लेकिन जब उन्हें लगा कि यह न मूव कर रहा है और ना ही इसका कोई विजन है तो उन्होंने अलग होने का फैसला लिया.
हमारे पास कोई दूसरा विकल्प नहीं था- संजय झा
उन्होंने ये भी कहा कि सिर्फ मोदी जी और बीजेपी का विरोध करने से ये नहीं चलता. आप भी तो लोगों के बीच अपना कुछ दृष्टकोण लेकर जाएंगे. नीतीश कुमार ने बहुत कोशिश की. बिहार में क्षेत्रीय दल के रूप में काम करने के लिए बीजेपी के साथ गए क्योंकि हमारे पास कोई दूसरा विकल्प नहीं था, सच्चाई यही है और हमलोग बिहार में साथ में काम कर रहे हैं.
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