नेपाल में कांवड़ यात्रा के दौरान सांप्रदायिक हिंसा के बाद कई शहरों में कर्फ्यू लगा दिया गया है. इसके चलते भारत-नेपाल सीमा पर दोनों देश के सुरक्षा बल अलर्ट हैं. बीते गुरुवार (30 जुलाई, 2026) की देर शाम मधुबनी के ग्रामीण एसपी शिवम धाकड़ ने एसएसबी, पुलिस एवं अन्य सुरक्षाबल के अधिकारीयों के साथ सीमा के कोई क्षेत्रों का निरीक्षण किया. भारत के जयनगर से चलने वाली इंडो-नेपाल रेल सेवा बंद है. 

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मधुबनी के ग्रामीण पुलिस अधीक्षक (एसपी) शिवम धाकड़ ने एसएसबी के अधिकारीयों के साथ निरीक्षण के क्रम में लदनियां थाना क्षेत्र के सीमावर्ती इलाकों के सुरक्षा तैयारियों का जायजा लिया. निरीक्षण के क्रम में उन्होंने जवानों को सतर्क रहने के निर्देश देते हुए कहा. हालांकि नेपाल के कुछ इलाकों में कर्फ्यू है ऐसे में सीमा के आर-पार आने-जाने वाले व्यक्तियों की गहन तलाशी हो रही है. हर गतिविधि पर नजर है. 

समन्वय बनाए रखने का निर्देश

एसपी शिवम धाकड़ ने कहा कि नेपाल की वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए भारत-नेपाल सीमा पर विशेष एवं अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है. ग्रामीण एसपी ने पुलिस और एसएसबी के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने को कहा. उन्होंने संयुक्त गश्ती एवं निगरानी अभियान को और प्रभावी बनाने के निर्देश भी दिए. सीमावर्ती क्षेत्रों के लोगों से अपील की है कि यदि कोई संदिग्ध गतिविधि या व्यक्ति दिखाई दे तो उसकी सूचना अविलंब सुरक्षाबलों को दें. 

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नेपाल की ओर से क्या कहा गया?

उधर, नेपाल के पुलिस महानिरीक्षक, दान बहादुर कार्की ने कहा है कि भारत की सीमा से शरणार्थी नेपाल में प्रवेश कर रहे हैं. हमने सीमा पर सुरक्षा बल की सतर्कता तेज कर दी है. ये शरणार्थी झुग्गी, झोपड़ी बनाकर नेपाल में रह रहे हैं. इसमें रोहिंग्या, बंग्लादेशी, पाकिस्तानी, सोमालिया आदि देशों के नागरिक शामिल हैं. वे नेपाल में अराजकता फैला रहे हैं. नशीली दवा का तस्करी कर रहे हैं, साथ ही लूटपाट में भी संलग्न हैं. अभी कुछ दिनों पहले खाद तस्करी में संलग्न बीस नेपाली नागरिक को हिरासत में लिया गया है, जिसे छुड़ाने के लिए डिप्लोमैटिक पहल की जा रही है.

…और नेपाल में लगाना पड़ा कर्फ्यू

बता दें कि नेपाल के सिरहा जिले के जनकपुर धाम में 26 जुलाई को डीजे बजाने के दौरान विवाद हुआ था. रिपोर्ट के मुताबिक तीन लोगों की मौत हुई है. मिथिला की सांस्कृतिक विरासत और राम जानकी मंदिर के लिए प्रसिद्ध इसी पवित्र नगरी में हुई इस घटना के विरोध में हजारों लोग सड़कों पर उतर आए. इसके बाद नेपाल प्रशासन को सिरहा, धनुषा जिला, राजबिराज नगरपालिका सहित कई इलाकों में कर्फ्यू लगाना पड़ा.

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