अब किसी से भी नहीं खरीद सकेंगे सेकेंड हैंड कार, यह गलती की तो जब्त हो जाएगी गाड़ी
अगर आपने भी पुरानी कार खरीदी है और उसके कागजात अपने नाम ट्रांसफर नहीं कराए हैं. तो अब सावधान हो जाना जरूरी है. उत्तर प्रदेश के नोएडा में सेकेंड हैंड कार को लेकर सख्त नियम लागू किए गए हैं. अगर ऑनरशिप अपडेट नहीं हुई तो आपकी गाड़ी जब्त की जा सकती है.
पुलिस ने सड़कों पर औचक निरीक्षण अभियान चलाने का फैसला किया है. इस अभियान के तहत ऐसी सभी पुरानी गाड़ियों की जांच होगी, जिनके कागजात अधूरे हैं या मालिकाना हक अपडेट नहीं किया गया है. पुलिस का साफ कहना है कि नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.
असल में समस्या यह है कि पुरानी कारें कई बार हाथ बदलती हैं. लेकिन आरटीओ रिकॉर्ड अपडेट नहीं होता. खासकर तब जब डील दो प्राइवेट लोगों, दोस्तों या रिश्तेदारों के बीच होती है. कागज पुराने मालिक के नाम पर रहते हैं. जबकि गाड़ी कोई और चला रहा होता है. यही पुलिस के लिए सिरदर्द बन जाती है.
गलत या पुराने पते की वजह से असली मालिक तक पहुंचना मुश्किल हो जाता है. कई लोग घर बदल लेते हैं लेकिन आरटीओ में पता अपडेट नहीं कराते. ऐसे मामलों में अगर गाड़ी किसी अपराध में इस्तेमाल होती है. तो जांच और ज्यादा मुश्किल हो जाती है. इसी वजह से यह सख्ती जरूरी मानी गई.
अब गौतमबुद्धनगर जिले के तीनों जोन में पुलिस रैंडम चेकिंग करेगी. जिन गाड़ियों के दस्तावेज पूरे नहीं होंगे. उन्हें मौके पर ही जब्त किया जा सकता है. पुलिस और प्रशासन का कहना है कि कई आपराधिक मामलों में पुरानी, बिना ट्रांसफर की गई गाड़ियां सामने आई हैं. इस पर लगाम लगाना जरूरी हो गया था.
एआरटीओ प्रशासन के अनुसार सेकेंड हैंड कार मालिकों को परिवहन विभाग की वेबसाइट पर जाकर फॉर्म भरना होगा. इसमें मौजूदा पता, चेसिस नंबर, मॉडल नंबर और अन्य जरूरी जानकारी देना अनिवार्य है. तय रजिस्ट्रेशन फीस का भुगतान और वेरिफिकेशन पूरा होने के बाद ही गाड़ी कानूनी रूप से आपके नाम मानी जाएगी.